ठहर गई है ख़ानाबदोशों की ज़िंदगी

कोरोनावायरस और ख़ानाबदोशों की ज़िंदगी

कोरोना के खतरे के बीच भले ही धीरे धीरे व्यावसायिक गतिविधियां शुरू हो गईं हों, लेकिन इस महामारी ने अपने पीछे जो निशान छोड़ा है, उसे सदियों तक मानव जाति भुला नहीं पायेगी। इससे न केवल लाखों लोग असमय काल के गाल में समा गए बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था ध्वस्त गई है। कोरोना के … Read more