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Reservation: वंचितों के उत्थान के लिए क्यों ज़रूरी है आरक्षण?

26 नवंबर को पूरा देश संविधान दिवस(Constitution Day) के तौर पर मनाता है। हमारे संविधान में नागरिकों के हितों के लिए कई प्रावधान है और एक नागरिक होने के नाते संविधान में दिए गए प्रावधानों को जानना हमारे लिए आवश्यक है। आरक्षण(Reservation) एक ऐसा ही प्रावधान है जो हमेशा एक बड़ी बहस का मुद्दा रहा …

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सामुदायिक भूमि का अधिग्रहण: थार के संसाधनों पर मंडराता अस्तित्व का खतरा

राजस्थान का थार क्षेत्र केवल बालू की भूमि ही नहीं है, बल्कि कुदरत ने इसे भरपूर प्राकृतिक संसाधनों से भी नवाज़ा है। लेकिन धीरे धीरे अब इसके अस्तित्व पर संकट के बादल गहराने लगे हैं। यह संकट मानव निर्मित हैं। जो अपने फायदे के लिए कुदरत के इस अनमोल ख़ज़ाने को छिन्न भिन्न करने पर आतुर है। सामुदायिक भूमि का …

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जैविक खेती ने बनाया छत्तीसगढ़ कांकेर भानुप्रतापपुर की महिलाओं को आत्मनिर्भर

जैविक खेती: आपदा को अवसर में बदलती ग्रामीण महिलाएं

जैविक खेती: आपदा को अवसर में बदलती ग्रामीण महिलाएं। कोरोना महामारी ने देश-दुनिया की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ आम जनता की आर्थिक स्थिति को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। एक तरफ जहां लाॅक डाउन में लोगों का रोजगार छिन गया तो अनलाॅक होने के बाद भी लोगों को आसानी से काम नहीं मिल रहा है। शहरी …

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घरेलू हिंसा का शिकार महिलाएं भारत में

घरेलू हिंसा की शिकार महिलाओं को बनना होगा खुद का हौसला

भारत जैसा देश जंहा युगों से महिलाओं को देवी का रूप में माना जाता है और उसकी पूजा की जाती है। उसी देश में अब महिलाओं पर अत्याचार, हिंसा  और शोषण जैसी अमानवीय घटनाएं आम होती जा रही हैं। पूरे देश में महिलाएं हर जगह, हर समय, हर क्षण, हर परिस्थिति में हिंसा (घरेलू हिंसा) के किसी भी रूप का शिकार …

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वरद कुबल: संसाधन की कमी के बावजूद पर्यावरण को बचाता एक युवा

वर्तमान में पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति दुनिया भर में एक गंभीर समस्या बन चुकी है। इसके दुष्प्रभाव से न केवल कई प्रजातियां विलुप्त होने के कगार पर हैं बल्कि स्वयं मानव सभ्यता खतरे में पड़ चुकी है। हालांकि अब इसके लिए दुनिया भर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। ताकि सतत विकास के लक्ष्य को शत …

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