मुहर्रम में क्यों मातम करते हैं शिया? जानिए इतिहास के पन्नों में दर्ज 1400 साल पुराना किस्सा…

आज देश भर में इमाम हुसैन की शहादत (क़ुर्बानी) को याद करते हुए यौम-ए-आशूरा मनाया गया. सभी मुसलमानों के लिए यह दिन काफ़ी महत्व रखता है. लेकिन शिया मुसलमानों के लिए इसकी बेहद ख़ास अहमियत है. यह दिन मोहर्रम की दसवीं तारीख़ है. जिसे यौम-ए-आशूरा कहा जाता है. जो इस्लामी कैलेंडर के हिसाब से साल … Read more