Bir Buru Ke davedaar

पुस्तक समीक्षा : बिर बुरु के दावेदार ऊर्फ जंगल पहाड़ के दावेदार

बिर बुरु के दावेदार पुस्तक की लेखिका आलोका कुजूर कहती हैं’ ‘‘बचपन से ही पहाड़ सपने में आता था अनगिनत सपने में अनगिनत पहाड़ से मिलना हुआ। हर सपने में नए पहाड़ से मुलाकात हुई। आश्चर्य की बाद में हकीकत में उन पहाड़ों से मुलाकात हुई जो सपने में आते थे। मैंने अपनी मां को …

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