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Dr. Divyakirti को हिंदू विरोधी बताना कितना सही है?

why #BanDrishtiIAS is trending on twitter

दिल्ली के मुखरजी नगर में स्थित चर्चित Drishti IAS कोचिंग संस्थान के संस्थापक  Dr. Vikas Divyakirti एक विवाद में घिरते नज़र आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें हिंदू विरोधी बताया जा रहा है। गिरफ्तार किए जाने की मांग की जाने लगी है। दरअसल एक क्लास के दौरान छात्रों को रामायण के बारे में बताते हुए भगवान राम एवं सीता के बारे में कुछ ऐसी बात बोली, जो अब विवाद का मुख्य कारण बन गई है। लोग अब उनको टारगेट कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर #BanDrishtiIAS  के हैश टैग चलाए जा रहे हैं।

डॉ. दिव्यकीर्ति का वायरल वीडियो

डॉ. दिव्यकीर्ति का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल है। इसमें वो छात्रों को पढ़ाते समय भगवान राम एवं सीता के बारे में कुछ ऐसी बात कह रहे हैं। जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो काफी पुराना है। ट्विटर पर किसी यूज़र ने वीडियो के केवल उस हिस्से को काट कर डाला है। जिसमें वो भागवान राम-सीता को लेकर बात कर रहे हैं।

‘दृष्टि IAS’ कोचिंग इंस्टीट्यूट के संस्थापक डॉ. दिव्यकीर्ति का यह वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। भगवा क्रांति सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. प्राची साध्वी ने कहा- मैं साध्वी प्राची इस मदरसे छाप सेंटर को बैन करने की मांग करती हूं। अगर आज चुप बैठा गया तो कल कोई और ऐसे हिंदुत्व का अपमान करेगा। यह समय चुप बैठने का नहीं बल्कि आवाज उठाने का है।’

पूरा वीडियो देखिये फिर तय कीजिए

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल है उसमें डॉ दिव्यकीर्ती के वीडियो का एक छोटा सा हिस्सा प्रसारित किया जा रहा है। पूरा वीडियो देखने पर दिव्यकीर्ती कहते हैं कि सीता के बारे में यह बात राम नहीं कह रहे लेखक कह रहे हैं… लेखक पात्र की छवि बदल देते हैं।

कौन हैं ‘Drishti IAS’ के Dr. Vikas Divyakirti?

डॉ विकास दिव्यकीर्ति इन दिनों एक चर्चित नाम है। सिविस सेवा की तैयारी से जुड़े लोग इस नाम की माला जपते नज़र आते हैं। दिल्ली के मुखर जी नगर में ‘दृष्टि IAS’ कोचिंग इंस्टीट्यूट चलाते हैं। दिल्ली ही नहीं बल्कि इनका नाम अब देशभर में प्रख्यात होता जा रहा है। 26 दिसंबर 1973 को हरियाणा में जन्मे विकास बचपन से ही पढ़ाई में तेज़ रहे हैं।

डॉ विकास दिव्यकीर्ति ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से BA, हिंदी साहित्य में MA, M.Phil और PhD की है। इनके माता-पिता दोनों हिंदी साहित्य के प्रोफेसर थे, जिसकी वजह से शुरुआत से ही इनका लगाव भी हिंदी की तरफ रहा। शुरूआत से पढ़ाने का शौक रहा है। सिविल सेना छोड़कर टीचिंग में आ गए। डॉ विकास दिव्यकीर्ति ने 1996 में UPSC परीक्षा पास की थी। IAS ऑफिसर बनने के बाद उन्हें गृह मंत्रालय में नियुक्ति मिली लेकिन शिक्षक के रूप में बच्चों को पढ़ाना डॉ विकास को ज्यादा पसंद था, जिसकी वजह से उन्होंने एक साल में ही अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर पढ़ाना शुरू कर दिया।

कब शुरू हुआ ‘Drishti IAS’ कोचिंग इंस्टीट्यूट

देश की सबसे चर्चित सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद डॉ विकास दिव्यकीर्ति ने साल 1999 में ‘Drishti IAS’ कोचिंग इंस्टीट्यूट शुरू किया। डॉ विकास समसामयिक मुद्दों की मासिक पत्रिका ‘दृष्टि करेंट अफेयर्स टुडे’ का संपादन भी करते हैं।  इनकी पत्नी डॉक्टर तरुण वर्मा भी इस कोचिंग संस्थान की Director हैं।

यूट्यूब चैनल से मिली देशभर में पहचान। दृष्टि आईएएस के नाम से यूट्यूब चैनल शुरू किया। इस चैनल के आज लगभग 90 लाख सब्सक्राइबर्स हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 10 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं। सोशल मीडिया ने इनको अपार सफ़लता पर पहुंचा दिया। हिंदी पट्टी के सिविल सेवा के छात्रों के लिय यह कोचिंग संस्थान वरदान माना जाता है।

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