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यूपी की ‘स्वास्थ्य सेवाओं’ को डेंगू हो गया है ?

उत्तर प्रदेश आबादी के लिहाज़ से देश का सबसे बड़ा राज्य है। 22 करोड़ जनसंख्या वाले इस प्रदेश में यूं तो अनगिनत समस्याएं मौजूद हैं। लेकिन यहां कुछ ऐसी समस्याएं हैं जो हर साल ग़रीब परिवारों पर कहर बनकर टूटती हैं। उनमें से एक है डेंगू। राज्य में हर साल डेंगू के कारण सैकड़ों ग़रीब अपनी जान गंवा देते हैं। इस समय पूरे प्रदेश में डेंगू का प्रकोप जारी है। सरकारी अस्पताल में डेंगू के मरीज़ों की तेज़ी से बढ़ती संख्या के कारण हालात बद से बदत्तर हैं। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही साफ़ नज़र आ रही है।

उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर इस साल भी डेंगू के कहर से बुरी तरह से त्रस्त है। उर्सला और हैलट जैसे अस्पताल में डेंगू के मरीज़ों की तेज़ी से बढ़ती संख्या के कारण बुरे हाल हैं। इन सरकारी अस्पतालों की हालत देखकर ऐसा लगता है कि स्वास्थ्य विभाग और उसकी व्यवस्थाओं को भी डेंगू हो गया है। अस्पताल में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर ही नहीं है। मरीज़ों की लंबी-लंबी लाइन लगी है। किसी को बेड नहीं मिल रहा तो किसी को समय पर इलाज। हर कोई अपनों की जान बचाने को इधर-उधर भागता नज़र आ रहा है।

कानपुर में इस वर्ष भी डेंगू से त्रस्त हुए लोग

बदलते मौसम में हर वर्ष वायरल फीवर और डेंगू के चलते कानपुर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की हक़ीकत सामने आ जाती है। हैलट अस्पताल के ओपीडी में सोमवार को 4200 रोगियों ने अपनी जांच कराई। रिपोर्ट में 300 रोगी बुख़ार से पीड़ित पाए गए। अस्पताल में इतनी भीड़ है कि हर ओर अफ़रा-तफ़री जैसे हालत बने हुए हैं। लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है।

इसके अलावा शहर के अन्य सरकारी अस्पताल उर्सला,कांशीराम जैसे अस्पताल में रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण बुरे हाल हैं। इन दोनों अस्पताल में सोमवार को 2100 रोगी आए। हालांकि डेंगू के कारण मौत के आंकड़ों को लेकर कोई सटीक जानकारी नहीं मिल रही। कहीं दो की मौत तो कहीं एक रोगी की डेगूं मरने की जानकारी मिल रही है। इन अस्पताल के ओपीडी में सबसे अधिक भीड़ बुख़ार से पीड़ित रोगियों की थी। शहर के सभी सरकारी अस्पतालों में हर ओर चीख़-पुकार मची है।

कानपुर के जेएसवीएम मेडिकल कॉलेज के मेडिसन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया, ‘’ओपीडी में बुख़ार से डेढ़ सौ से अधिक रोगी मौजूद हैं। डॉ.कुशवाहा ने बताया कि लगातार तेज़ी से बढ़ती भीड़ चिंता का कारण है। अस्पताल के सभी डॉक्टर्स, स्टॉफ समेत सभी लगातार ड्यूटी पर लगे हैं। फिलहाल कानपुर में डेंगू के 45 सक्रिय मामले हैं। जिनसें से दो की हालात गंभीर है। डॉक्टर 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं।‘’

यूपी में डेंगू के 18 हज़ार से अधिक मरीज़ आए सामने

डेंगू का कहर इस समय पूरे प्रदेश में जारी है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, आगरा, उन्नाव, गोरखपुर, नोएडा-ग्रेटर नोएडा, जौनपुर, अयोध्या समेत अन्य शहरों में डेंगू के कहर बरपा कर रखा है। प्रयागराज में 911, लखनऊ में 749, जौनपुर में 366 और अयोध्या में 325 डेंगू केस सामने आए हैं। प्रदेश के सभी बड़े सरकारी अस्पतालों की हालात इस वक़्त बद से बदत्तर है। पर्याप्त डॉक्टरों की कमी,अस्पताल में बेड की कमी जैसी तमाम स्वास्थ्य सेवाओं में भारी कमी के कारण राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की हालात ख़राब है।

डेंगू के साथ-साथि पूरे  प्रदेश के 44 ज़िलों में स्वाइन फ्लू के ने भी पैर पसार रखे हैं। 381 स्वाइन फ्लू का शिकार हैं। 30 अगस्त तक यूपी में स्वाइन फ्लू के सिर्फ 64 केस थे और इसके मरीज 19 जिलों में थे। 30 अक्तूबर को तादाद बढ़कर 381 पहुंच गई।अब तक दो मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, मलेरिया, चिकनगुनिया के भी मरीज़ अस्पताल पहुंच रहे हैं। राज्य के अधिकतर सरकारी अस्पताल को यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी मरीज़ को वापस न किया जाए और इलाज में लापारवाही बरतने वाले पर एक्शन लिया जाएगा।

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