बंद हुआ Zee का DNA, वित्तीय संकट से गुज़र रहे हैं सुभाष चंद्रा

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ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

वित्तीय संकट के दौर से गुज़र रहे Zee समूह ने अपने प्रख्यात अखबार DNA को बंद करने का फैसला लिया है। यह अखबार 2005 में मुंबई से शुरू हुआ था। 14 सालों बाद इस अखबार को ज़ी समूह के मालिक सुभाष चंद्रा ने बंद करने का फैसला लिया है लेकिन इसका डिजिटल संस्करण उपलब्ध रहेगा।

2019 में बंद हुए 3 अखबार

DNA इस वर्ष बंद हुआ देश का तीसरा अखबार है। फाइनेंसियल क्रोरोनिकल, फर्स्ट पोस्ट के प्रिंट संस्करण भी बंद हो चुके हैं। डिजिटल मीडिया के प्रसार के बाद प्रिंट मीडिया चुनौतियों का सामना कर रहा है।

वित्तीय संकट के दौर में ज़ी समूह

ज़ी समूह के मालिक सुभाष चंद्रा भारी वित्तीय संकट का सामना कर रहे हैं। ज़ी समूह के ऊपर 7000 करोड़ से ज़्यादा का क़र्ज़ है। ज़ी समूह भारत में मीडिया और इंटरटेन्मेंट न्यूज़ चैनल इंडस्ट्री में बड़ा नाम है। ज़ी समूह के मालिक सुभाष चंद्रा राज्यसभा सदस्य भी हैं।

क्यों बंद हुआ DNA?

DNA के एडिटर ने अखबार को बंद करने के लिए युवाओं में बढ़ रहा डिजिटल मीडियम के प्रति रुझान को वजह बताया। और कहा कि अब DNA भी डिजिटल रूप में लोगों के लिए उपलब्ध रहेगा और जल्द ही मोबाइल एप्प भी लांच किया जाएगा।

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