World Laughter Day 2020 : जानें लाफ्टर डे का इतिहास, तनाव को दूर करना है, तो हंस लीजिए…

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मई के पहले संडे को वर्ल्ड लाफ्टर डे मनाया जाता है जिसे इस साल 3 मई को सेलिब्रेट किया जा रहा है। हर साल कई समुदाय एक जगह पर एकठ्ठा हो कर इसे मनाते हैं पर इस बार कोरोना की वजह से इसे लोग ऑनलाइन ही सेलिब्रेट कर रहे हैं।महामारी के इस दौरे में हंसी कहीं गुम न हो जाए, इसलिए इसे बनाए रखें। विशेषज्ञों का भी मानना है कि हंसी इंसान में सकारात्मक ऊर्जा जगाती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी। इसलिए यदि कोरोना से लड़ना है और इससे जीतना है, तो हंसते रहिए, खिलखिलाते रहिए।

वर्ल्ड लाफ्टर डे के बारे में वर्ल्डवाइड लाफ्टर योगा मूमेंट के फाउंडर डाॅक्टर मदन कटारिया के मन में साल 1998 में विचार आया था। उनका मानना था कि ‘जब आप हंसते हो तो आप बदलते हो और जब आप बदलते हो तो पूरी दुनिया बदलती है।’ बता दें कि डाॅक्टर मदन ने 1995 में लाफ्टर योगा मूमेंट को शुरु किया था। इसका मकसद था लोगों के चेहरे पर हंसने से आने वाले एक्सप्रेशन को लाना जो उनके अंदर की इमोशनल एक्टिविटीज को प्रभावित करता है।

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मेडिकल कॉलेज में फार्माकालोजी विभाग में प्रोफेसर डॉ. विशाल टंडन का कहना है कि हंसी से अस्थमा के मरीजों को भी फायदा पहुंचता है। हंसी से दिल, गला, फेफड़ा व श्वास नली सभी का व्यायाम हो जाता है। व्यक्ति की मानसिक, शारीरिक व भावनात्मक परेशानियां दूर भागती हैं।

सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोग विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि अगर आप खुलकर हंसते हैं तो इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही बना रहता है। हसंने से शरीर में अधिक मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचती है। इससे दिल की पंपिग सही होती है और दिल भी स्वस्थ रहता है। इससे तनाव भी कम होता है और तनाव हृदय रोगों का बहुत बड़ा कारण है। नियमित रूप से हंसने से हार्ट अटैक और अन्य दिल से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है। इससे ब्लड प्रेशर कम होता है।

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