Maharashtra : पैदल गांव लौट रहे इस श्रमिक की भूख-प्यास से हुई मौत

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महाराष्ट्र के पुणे जिले से पैदल चलकर परभणी स्थित अपने पैतृक स्थान जा रहे चालीस वर्षीय एक श्रमिक की भूख और प्यास से मौत हो गई। अंभोरा पुलिस थाने के सहायक निरीक्षक ज्ञानेश्वर कुकलारे ने मीडिया को बताया कि सोमवार को बीड जिले के धनोरा गांव में पिंटू पवार अपने निवास स्थान से करीब 200 किलोमीटर दूर मृत पाया गया। वे पुणे से आठ मई को निकल पड़े। 14 मई को वे अहमदनगर पहुंचे। उनके पास मोबाइल फोन नहीं था इसलिए किसी अन्य व्यक्ति के फोन से उसी दिन उन्होंने अपने घर संपर्क किया था।

अधिकारी ने कहा, ‘पोस्टमार्टम होने पर पता चला कि अत्यधिक चलने, भूख और शरीर में पानी की कमी होने के कारण 15 मई के आसपास उनकी मौत हो गई थी।’

मृतक परभणी जिले के धोप्टे पोंडुल गांव के रहने वाले थे और गन्ने के खेत में काम किया करते थे। जब लॉकडाउन लागू हुआ, तब वे पुणे में अपनी बहन के घर गए हुए थे, जहां उनके माता-पिता भी रहते हैं। नकी बहन कावेरी ने बताया कि जब लॉकडाउन बढ़ता गया, वे बेचैन हो गए और पैदल ही गांव जाने का फैसला किया।

पिंटू की पत्नी चंद्रकला बताती हैं, ‘मेरा सात साल का बेटा हर किसी से यही पूछता रहता था कि मेरे पिता कब लौटकर आएंगे, वो रिश्तेदारों को फोन करके भी यही पूछता है… उसे अभी यह सच नहीं पता है।’

एक अधिकारी ने बताया कि वहां से वे 30-35 किलोमीटर चलकर धनोरा पहुंचे और टिन के एक शेड के नीचे आराम करने लगे। उनका शव यहीं मिला।अधिकारी ने कहा कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो वहां पवार को मृत पाया। शव परीक्षण के बाद मृतक के परिजनों से बातचीत कर धनोरा ग्राम पंचायत और पुलिस ने मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया।

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