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Shocking : कश्मीर में युवा क्यों बन रहे नशे के आदी; रिपोर्ट में डरा देने वाला खुलासा

Kashmiri addicted to drugs

Kashmiri addicted to drugs : धरती का स्वर्ग कहा जाने वाला कश्मीर (Kashmir) यूं तो अपनी ख़ूबसूरत वादियों और दिलकश नज़ारों के लिय दुनियाभर में प्रख्यात है। लेकिन इसी वादी से एक रिपोर्ट आई है। जिसने यहां बसने वाले युवाओं में तेज़ी से नशे की बढ़ती लत (Kashmiri addicted to drugs) ने सबको चौंका दिया। इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइसेंस (IMHNS) और श्रीनगर स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज के स्वास्थ्य निदेशालय और सामाजिक कल्याण विभाग के साथ मिलकर एक सर्वे कर रिपोर्ट जारी की है।

Kashmiri addicted to drugs

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सर्वे के माध्यम से जो जानकारी साझा की गई है उसके मुताबिक, कश्मीर में 52 हज़ार से अधिक लोग नशे के आदी हैं। कश्मीर की 3 प्रतिशत आबादी हेरोइन जैसे मादक पदार्थ के नशे की चपेट में (Kashmiri addicted to drugs) है। हैरानी की बता ये है कि संख्या में तेज़ी से बढ़ोत्तरी देखी जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कश्मीर में नशा करने 95 प्रतिशत लोग हेरोइन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्में अधिकतर नशे के आदी लोग 22 वर्ष के युवा है।

नशा करने वालों की संख्या में तेज़ी से इज़ाफा

रिपोर्ट में आगे बताया गया कि कश्मीर में जो लोग नशा करते हैं, उनमें से अधिकतर बेरोज़गार हैं। कश्मीर के 10 ज़िलों में बेरोज़गारों की संख्या कुल आबादी की करीब एक चौथाई है (unemployment in kashmir) । रिपोर्ट बताती है कि यहां के हर ज़िले में सबसे अधिक इस्तेमाल अफीम का होता है। हेरोइन का सेवन करने वाले आदी लोगों की औसत उम्र 28 साल है। रिपोर्ट के मुताबिक, नशे का आदी एक व्यक्ति प्रति महीने हेरोइन खरीदने के लिए 88,000 रुपये खर्च करता है।

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कश्मीर में नशे को लेकर पहले जारी एक रिपोर्ट में बताया गया था कि जम्मू-कश्मीर में नशे के मामलों में 2,000 प्रतिशत की इज़ाफा हुआ है (Report on Drugs in Kashmir) । श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के ओरल सब्सिट्यूशन थैरेपी सेंटर में 2016 में नशे के आदी 489 मरीज भर्ती कराए गए थे, वहीं 2021 में यह आंकड़ा बढ़कर 10,000 से पार निकल गया था।

देश के कई राज्यों में फैल रहा नशे का कारोबार

देश में नशे का कारोबार अरबों रूपय का है। बीते कुछ सालों में हेरोइन के व्यापार में काफी इज़ाफा देखा गया है। सरकारी एजेंसियों से अधिक मात्रा में हेरोइन को पकड़ा है। (Drug business is spreading in many states of the India) 2018 में DRI ने आठ किलो हेरोइन ज़ब्त की थी, वहीं 2021 में यह मात्रा बढ़कर 3,000 किलोग्राम हो गई।ताज़ा मामला गुजरात और पंजाब से आया था जहां करोड़ों रूपय की हेरोइन पकड़ी गई थी। अधिकारियों का कहना है कि नशे की तस्करी के लिए भारत एक ट्रांजिट प्वाइंट के तौर पर उभर रहा है।

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छोटे तारे नामक NGO के संस्थापक और एक्टिविस्ट अर्जुमंद मख्दूमी ने नशे के आदी लोगों के आंकड़े को लेकर कहा कि ये भयानक और डराने वाला है। उन्होंने कहा कि 2.8 प्रतिशत आबादी बहुत होती है। साथ ही अगर 52,000 लोग हेरोइन पर निर्भर हैं तो स्थिति बेहद चिंताजनक है। अगर अभी कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया तो बहुत देरी हो जाएगी। कश्मीर समेत देश के सभी राज्यों में इस नशे के कारोबार को लेकर सरकार को कोई सख्त रुख अपनाना होगा।

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