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मुंबई में डांस बार बंद होने की यह वजह कम ही लोगों को पता है..

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एम.एस.नौला | मुंबई

महाराष्ट्र में डांस बार शुरू करने में कांग्रेस और बंद करने की एनसीपी क्रेडिट ले रही है। लेकिन इसके पीछे की असल कहानी ऐसी है , जिसे कोई नहीं जानता।

महाराष्ट्र में डांस बारों की कहानी शुरू होती है महाराष्ट्र के रायगड जिले के खालापुर से। यह बात साल 1980 की है। रायगड तत्कालीन कांग्रेसी मुख्यमंत्री अब्दुल रहमान अंतुले का गृह जिला है। अंतुले वहीं शख्स हैं , जो बाद में सीमेंट घोटाले में पकड़े गए और उन्हें अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी रायगड वहीं जगह है, जिसके डिघी पोर्ट से बाबरी का विवादास्पद ढांचा गिराए जाने के बाद आरडीएक्स अंडरवर्ल्ड की जुबान में काला साबुन मुंबई लाया था। माफिया सरगना दाऊद इब्राहीम के इशारे पर फिर मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए, मुंबई दंगों में झुलस जल रही थी। मुंबई में 12 मार्च 1993 को 13 जगहों पर हुए सीरियल ब्लास्ट में 257 लोगों की मौत हुई थी और 713 लोग जख्मी हुए थे। इसके साथ ही पहली बार दुनिया ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड की ताकत देखी। उस समय में मुंबई में डांसिंग बार अपने चरम पर थे। ज्यादातर बारों पर अंडरवर्ड वालों की पकड़ थी। पुलिस जानती थी , सरकार जानती थी। लेकिन तब भी किसी नेता ने इन डांसिंग बारों को बंद करने के बारे में नहीं सोचा। एक के बाद एक कई बड़े खुलासे इन डांसिंग बारों की वजह से हुए। लेकिन कांग्रेस की तत्कालीन सरकारों की कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

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मुंबई के ग्रांट रोड इलाके में एक मशहूर डांस बार टोपाज में अचानक 11 फरवरी 2004 को सुर्ख़ियों में आ गया। रात रंगीन थी बार में मौजूद अब्दुल करीम तेलगी ने कुछ ही मिनटों में 93 लाख रूपयों की एक बार बाला पर बरसात कर दी। पुलिस के मुखबिरों ने पुलिस को अलर्ट किया। यहां से तेलगी की गिरफ्तारी हुई और अरबों रूपयों के फर्जी स्टाम्प पेपर घोटाले का पर्दाफ़ाश हुआ। जिसमें कांग्रेस के तत्कालीन राजस्व मंत्री विलासराव देशमुख का नाम सामने आया। देशमुख बाद में दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। मुंबई में सीरियल ब्लास्ट, स्टाम्प पेपर घोटाले के पर्दाफ़ाश के बाद भी मुंबई में डांसिंग बार बेरोकटोक चलते रहे। कई सालों के बाद साल 2005 में अचानक एक दिन अचानक यूपीए सरकार के गृहमंत्री आर आर पाटिल मुंबई के सभी डांस बारों को बंद करने का फरमान सुना देते हैं। लेकिन देखने में यह भले ही सरकार का जनता के हित में लिया गया फैसला हो। लेकिन यह एक ऐसा फैसला जिसे आर आर पाटिल को लेने पर मजबूर होना पड़ा । इस कहानी में एक ऐसा शख्स है जो आज भी परदे के पीछे ही है। आज वह शख्सियत है पत्रकार सलाम काजी। जिनकी खबर के बाद आर आर पाटिल को डांस बार बंद करने का फैसला लेना पड़ा ।

कैसे नमाज़ पढ़ने में खलल बन गया डांस बार बंद होने की वजह

मुंबई के धारावी इलाके में एनसीपी नेता भास्कर शेट्टी का सुन्दर विलास नामक एक बार हुआ करता था । इस बार के बाजू में एक अहले हदीस जमात की एक मस्जिद थी। डांस बार की तेज आवाज के कारण नमाजियों को नमाज पढ़ने में परेशानी होती थी। उन्होंने बार मालिक से शिकायत की, अनुरोध किया कि कम से कम नमाज के वक्त आवाज कम करें या बार को साउंडप्रूफ करे । लेकिन बार मालिक ने सत्ता के नशे में किसी की नहीं सुनी। नमाज पढ़ने वालों ने पत्रकार सलाम काजी से इस मामले में कुछ मदद करने का अनुरोध किया। तब सलाम जीटीवी के अंशकालिक संवाददाता हुआ करते थे। सलाम ने उन्हें आर आर पाटिल को शिकायत लेटर लिखने की सलाह दी। बाकायदा आर आर पाटिल को शिकायत की गई लेकिन तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके छह महीने के बाद जो हुआ उसने महाराष्ट्र में डांस बार बंद होने का इतिहास लिख दिया। एक रात अचानक सलाम काजी को फोन आया उस बार पर गुस्साए लोगों ने सुन्दर विलास बार में भारी तोड़फोड़ कर दी है । हालात तनावपूर्ण हो गए पुलिस को हालात पर काबू पाने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा। सलाम काजी ने सबसे पहले यह न्यूज कवर की। मस्जिद में नमाज पढ़ने वालों ने बताया छह महीने पहले आर आर पाटिल को शिकायत की थी लेकिन सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी। यदि सरकार ने कोई कार्रवाई की होती तो हमें यह सब नहीं करना पड़ा. मौके की नजाकत को देखते हुए डीसीपी महेश पाटिल भी घटनास्थल पर पहुंच चुके थे। डीसीपी महज़ पाटिल ने जी न्यूज संवाददाता सलाम काजी को बताया कि धार्मिक मामला होने से किसी को गिरफ्तार नहीं किया। लेकिन होटल पर 110 का चार्ज मारा है और 14 बार बालाओं को गिरफ्तार किया गया । मामला साहूनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ यह खबर मीडिया में आने के बाद आरआर पाटिल का बयान आया कि पुलिस की कार्रवाई नाकाफी है । लिहाजा उस बार का साउंड का लाइसेंस रद्द किया जाता है। बार मालिक भास्कर शेट्टी इंसाफ़ के लिए बार मालिकों की युनियन फाइट फॉर राइट बार ऑनर एसोशिएशन के पास जाता है। फिर युनियन के अध्यक्ष मंजीत सिंह सेठी का विवादास्पद बयान आता है। बगैर साउंड के बार बालाएं डांस कैसे करेगी ?

सरकार ने यदि साउंड का लाइसेंस बहाल नहीं किया तो आर आर पाटिल की बेटी को बगैर साउंड के बार में डांस कराऊंगा। यह खबर जैसे ही मीडिया में आई शाम होते होते आर आर पाटिल का फरमान आ जाता है कि मुंबई के सभी डांसिंग बारों का लाइसेंस खारिज किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद मुंबई में एक बार फिर डांस बार खोले जाने के, बंद किये जाने, को लेकर कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना सरकार को टारगेट किये हुए है. देवेंद्र फडणवीस ने सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद डांस बारों पर रोक के लिए क़ानून बनाने का दावा किया है। कुला मिलाकर डांसिंग बार पर इन दिनों महाराष्ट्र्र की राजनीति में डांस कर रही है। लेकिन सलाम काजी नामक वह पत्रकार आज भी गुमनाम है जिसने डांसिंग बार की कई दशक पुरानी परम्परा को तोड़ने पर आर आर पाटिल को मजबूर किया।

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