आख़िर क्यों तोड़ दिया गया शहनाई के उस्ताद बिस्मिल्ला खां का घर ?

आख़िर क्यों तोड़ा जा रहा शहनाई के उस्ताद बिस्मिल्ला खां का घर ?

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शहनाई का नाम सुनते ही ख्यालों में उतर जाने वाले शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्ला खां (USTAD BISMILLAH KHAN) का काशी से बहुत गहरा रिश्ता है। कहा यह भी जाता है कि उनके सुरों की धार काशी में बनी थी और शायद यही वजह है कि वो ताउम्र काशी को नहीं छोड़ पाए लेकिन अब उनकी अगली नस्ल को शायद ये मंज़ूर नहीं है। तभी उनके काशी वाले घर को लेकर पारिवारिक तनाज़ा पैदा हो गया है।

उत्तरप्रदेश के वाराणसी के जिस मकान में उस्ताद बिस्मिल्ला खां की शहनाई परवान चढ़ी, उस कमरे पर हथौड़ा चला दिया गया है। यह हथौड़ा पारिवारिक विवाद का है, जिसमें एक पक्ष उस मकान को तोड़कर व्यावसायिक केंद्र बनाना चाहता है तो दूसरा पक्ष उसे धरोहर के रूप में बचाए रखना चाहता है। फिलहाल ये विवाद बड़ा हो गया है और इसमें अब स्थानीय प्रशासन ने हस्तक्षेप किया है। वाराणसी प्राधिकरण ने वहां चल रहे काम को रुकवा दिया है।

मकान उस्ताद बिस्मिल्ला खां के बेटे मरहूम मेहताब के नाम है और इस वक्त ये बहुत ही खस्ता हालत में है। जिस वजह से मकान को तुड़वा कर उसकी मरम्मत कराई जा रहा थी। इस पर परिवार के कुछ मेंबरों को ऐतराज़ होने के बाद तय किया गया कि मकान बिल्डर को दे दिया जाए और खां साहब की विरासत को एक मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में तब्दील कर दिया जाए।

इस तोड़फोड़ को लेकर संगीत जगत के लोगों को भी एतराज है। उस्ताद बिस्मिल्ला खां की दत्तक पुत्री संगीतज्ञ सोमा घोष ने कहा कि-

”भारत रत्न बिस्मिल्लाह खां का घर हम सभी कलाकारों के लिए एक मंदिर की तरह है। वहां उन्होंने साधना की थी और आखिरी सांस तक उसी कमरे में रहे, कहीं नहीं गए बनारस को छोड़कर। हमारी डीएम और कमिश्नर साहब से गुज़ारिश है कि वह कमरा, वह याद पूरे भारत की है, उसे बचा लिया जाए।”

इससे पहले भी उनके पुश्तैनी घर से उस्ताद बिस्मिल्ला खां की 5 शहनाइयां भी चोरी हो चुकी हैं। हालांकि वाराणसी पुलिस ने मामले में खुलासा किया था कि शहनाइयां उनके पोते ने ही चुराई थीं। जिसके बाद सिर्फ 1 लकड़ी की ही शहनाई मिल सकी थी। बाकी 4 चांदी की शहनाइयां गलवाई जा चुकी थीं।

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