तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी के साथ आमिर खान की मुलाकात पर क्यों मचा है घमासान ?

मीडिया को बेरोज़गारी, भुखमरी से नहीं मिली TRP तो पहुंच गई तुर्की

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अपनी अपकमिंग फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के लिए तुर्की गए आमिर खान विवादों में घिर गए हैं। फिल्म की शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने वहां के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोआन की पत्नी अमीन से मुलाकात की। 15 अगस्त को हुई इस मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं।

सोशल मीडिया यूजर्स आमिर को एंटी-नेशनल बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग नाराज़गी जताते हुए लिख रहे हैं कि आमिर ने भारत के मित्र इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से मिलने से इनकार कर दिया था, पर पाकिस्तान के दोस्त तुर्की की फर्स्ट लेडी से मिलने में उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई। सोशल मीडिया पर आमिर की इस मुलाकात को 2018 में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की भारत यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है।

नेतन्याहू ने उस दौरान बॉलीवुड की कई हस्तियों से मुलाकात की थी और फिल्म क्षेत्र को इजरायल में शूटिंग करने के लिए न्यौता दिया था. लेकिन उस समय शाहरुख खान, आमिर खान और सलमान खान ने उनसे मिलने से मना कर दिया था।

आमिर से मुलाकात के बाद अमीन ने लिखा-

आमिर से मुलाकात के बाद अमीन ने लिखा- ‘‘दुनियाभर में मशहूर भारतीय अभिनेता, फिल्ममेकर और डायरेक्टर आमिर खान से इस्तांबुल में मिलकर बहुत खुशी हुई। मुझे यह जानकर खुशी हुई कि आमिर ने अपनी लेटेस्ट मूवी ‘लाल सिंह चड्ढा’ की शूटिंग तुर्की के अलग-अलग इलाकों में करने का फैसला लिया है। मैं इसके लिए तैयार हूं।’’

इस मुलाकात पर इतना विवाद क्यों ?

दरअसल, अर्दोआन अक्सर भारत विरोधी बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। जब भी भारत और पाकिस्तान के मामलों का जिक्र होता है, अर्दोआन पाकिस्तान के साथ खड़े नजर आते हैं। पिछले साल जब भारत ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था, तब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया था।

आमिर खान की वहां की प्रथम महिला से उस वक्त मुलाकात हुई है जब भारत और तुर्की के बीच रिश्ता ठीक नहीं है। गौरतलब है कि 1948 में भारत और तुर्की के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना हुई थी।

क्या वेब सीरीज़ अश्लीलता परोसने का साधन बनती जा रही हैं?

एर्दोगान ने पिछले साल सितंबर में कश्मीर के मामले को संयुक्त राष्ट्र महासभा में उठाया था। उन्होंने कहा था कि ‘भारतीय कश्मीर में 80 लाख लोग फंसे’ हुए हैं। उनके इस बयान पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे आंतरिक मामला बताया था।

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