कृषि संशोधन बिल

कृषि संशोधन बिल के विरोध में पंजाब का किसान इतना एकजुट क्यों ?

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

कृषि संशोधन बिल : इस साल सितंबर में कृषि सुधार के नाम पर केन्द्र की मोदी सरकार कृषि संसोधन बिल 2020 लेकर आयी थी, लेकिन इस बिल को लेकर किसान खुश नही हैं । किसानों का कहना है ये बिल किसान विरोधी है। वहीं, दूसरी तरफ सरकार का कहना है कि यह बिल आज़ादी के बाद से अबतक का सबसे बड़ा कृषि सुधार बिल है। सरकार कुछ भी कहे चाहें जो दलीलें दे लेकिन किसान इस बिल से खुश नही है और किसानों का कहना है कि जबतक सरकार इस बिल को वापस नहीं ले लेती है वो इस बिल के ख़िलाफ आंदोलन करेंगे ।

पिछले 2 महीने से पंजाब में किसान इस बिल के ख़िलाफ आंदोलन कर रहे थे लेकिन जब उन्हें सरकार की ओर से कोई संतुष्ट जवाब नही मिला तो उन्होनें अपने आंदोलन का रुख़ दिल्ली की ओर किया और आज 12 दिन से किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे है । वैसे तो अब इस बिल के ख़िलाफ अब विपक्ष भी मैदान में है लेकिन इस आंदोलन की अगुवाई पंजाब के किसान ही कर रहे हैं ।

READ:  People are committing suicide, can the law not be stopped? Asked Chief Justice

कृषि संशोधन बिल के विरोध में पंजाब के किसान एकजुट

वैसे तो अब नये कृषि बिल का विरोध पूरे देश में हो रहा है लेकिन 2 महीनें पहले इस बिल के विरोध में पंज़ाब के किसान ही आगे आये थे और लेकिन तब मीडिया और कुछ राजनीतिक दलों ने पंजाब के किसानों की एक अलग तस्वीर पेश की थी और कहा गया था कि पंजाब के किसान बहुत अमीर है और उनको इस बिल से कोई दिक्कत नही है यह आंदोलन केवल वहां की अमरिंदर सरकार के इशारे पर किया जा रहा है । लेकिन सच ये है कि पंजाब में हर तीसरा किसान गरीबी रेख़ा से नीचे जीवन जी रहा है ।

READ:  COVID-19: 2 More Persons Test Positive, Kashmir Cases Rise To 3

एक आंकड़े के मुताबिक 2000 से 2011 के बीच करीब 3500 से ज्यादा किसानों ने आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या कर ली है । करीब 96 फीसदी किसान पंजाब में गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुज़र बसर कर रहे है ,केवल 4 फीसदी किसानों की आर्थिक हालत बहुत अच्छी है।

इस बिल के लागू होने से मंडी सिस्टम खत्म हो जायेगा ?

आपकों बता दें कि पंजाब में मंडियों का एक बड़ा और व्यवस्थित नेटवर्क सिस्टम है और अभी तक किसान अपने ही राज्य की मंडियों में अपनी फसल बेचकर मुनाफ़ा कमाते है ।लेकिन पंज़ाब में किसानों को डर है कि इस बिल के लागू होने से मंडी सिस्टम खत्म हो जायेगा क्योंकि किसान देश के किसी हिस्से में कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है और इसका फायदा केवल अमीर और सुविधासंपन्न किसान उठा सकते है।

READ:  Farmer leaders reject proposal to amend agricultural law

इस तरह मंडी व्यवस्था की अहमियत कम हो जायेगी और धीरे –धीरे सरकार मंडी को खत्म कर देगी और MSP यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बिल में सरकार ने कुछ स्पष्ट नही किया किया है एमएसपी एक प्रकार से गारंटी होती है जो सरकार की तरफ से किसानों को उनकी फसलों के लिए दिया जाता है ।

घर पर ही संभव है कोरोना का इलाज, पर बरतें जरूरी सावधानियां

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें [email protected] पर मेल कर सकते हैं।