उस्ताद इक़बाल अहमद ख़ान

कौन थे दिल्ली घराना के उस्ताद इक़बाल अहमद ख़ान ?

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शास्त्रीय संगीत के दिल्ली घराने से जुड़े गायक उस्ताद इक़बाल अहमद ख़ान का निधन हो गया। दिल्ली घराने की शुरुआत हज़रत अमीर खुसरो से मानी जाती है। पुरानी दिल्ली के सूइवलान इलाके के अपने पुश्तैनी घर में उन्होंने आखिरी सांस ली। कई पुरस्कारों से नवाज़े गए उस्ताद इक़बाल अहमद खान 66 साल के थे।

उनके निधन पर सरोद के उस्ताद अमजद अली खां, तबले के उस्ताद अकरम खां और सारंगी नवाज उस्ताद कमाल साबरी ने गहरा दुख जताते हुए कहा कि 2020 ने बहुत से उम्दा कलाकार हमसे छीन लिए। उस्ताद जी का भारतीय शास्त्रीय संगीत का ज्ञान अद्भुत था। उन्होंने दिल्ली घराने को आगे बढ़ाने के लिए अनगिनत शिष्यों को मुफ्त तालीम दी।

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बॉलीवुड गायक और संगीतकार विशाल ददलानी ने उस्ताद इक़बाल अहमद ख़ान के निधन पर शोक जताते लिखा, ‘दिल्ली घराने के प्रमुख उस्ताद इक़बाल अहमद ख़ान साहब के निधन से स्तब्ध और दुखी हूं। मैंने इंडियन आइडल 2020 के दौरान उनके साथ बातचीत की थी और वह संगीत और सभी संगीतकारों के बारे में बहुत सहानुभूति रखते थे। मैंने आशा की थी कि महामारी खत्म होने के बाद मैं जाकर उनसे मिलूंगा।’

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निजामुद्दीन स्थित निजी स्थान पर उनका सुपुर्द ए खाक (पंच तत्व में विलीन) किया गया है। 1954 में जन्मे इक़बाल ख़ान दरियागंज चांदनी महल में अपने परिवार के साथ रहते थे। वह शास्त्रीय संगीत के उस्ताद थे और दिल्ली घराने के मुखिया भी थे।

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उस्ताद इक़बाल अहमद ख़ान भारतीय शास्त्रीय संगीत की विभिन्न शैलियों ठुमरी, दादरा, गजलें और भजन के लिए पहचाने जाते हैं। उन्हें साल 2001 में प्रियदर्शनी पुरस्कार और साल 2003 में राजीव रतन सद्भावना पुरस्कार समेत कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

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