इन 5 बिंदुओं में जानिए कौन है हिस्ट्री शीटर विकास दुबे?

थाने में घुसकर राज्यमंत्री की हत्या कर चुका है विकास दुबे, 5 खास बातें

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उत्तरप्रदेश के कानपुर में गुरुवार देर रात हिस्ट्री शीटर विकास दुबे के ठिकाने पर दबिश देने गई पुलिस टीम पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी गई। इस फायरिंग में डीएसपी समेत 8 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है। इस बीच एक नाम निकलर आया हिस्ट्री शीटर विकास दुबे… आखिर कौन है हिस्ट्री शीटर विकास दुबे…बता दें कि हिस्ट्री शीटर विकास दुबे उत्तर प्रदेश पुलिस का मोस्ट वांडेड क्रिमिनल है। विकास दुबे पर 60 आपराधिक मामले दर्ज हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विकास दुबे ने 19 साल पहले साल 2001 में थाने में घुसकर राज्यमंत्री संतोष शुक्ला की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने राजनीति में एंट्री ली। नगर पंचायत का चुनाव भी जीता था।

1) राजनीति और गुंडई साधने के लिए तैयार की फौज
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे कानपुर देहात के चौबेपुर थाना क्षेत्र के विकरू गांव का रहने वाला है। अपनी राजनीति और गुंडई साधने के लिए विकास दुबे ने युवाओं की फौज तैयार कर रखी है। इस फौज की दम पर विकास दुबे कानपुर नगर से लेकर कानपुर देहात तक लूट, डकैती, मर्डर जैसे अपराधों को अंजाम देता रहा है।

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2) अपराधों की दम पर जीता चुनाव
साल 2000 में क्रिमीनल विकास दुबे ने शिवली इलाके के ताराचंद इंटर कॉलेज के सहायक प्रबंधक सिद्धेश्वर पांडेय की हत्या कर दी थी, जिसमें उसे उम्रकैद की सजा भी हुई थी। विकास दुबे ने अपने अपराधों के दम पर पंचायत और निकाय चुनावों में कई नेताओं के लिए काम किया और उसके संबंध प्रदेश की सभी प्रमुख पार्टियों से हो गए थे।

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3) थाने में घुसकर राज्यमंत्री की हत्या
2003 में शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तब श्रम संविदा बोर्ड के चैयरमेन रहे राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था। उसका इतना खौफ था कि कोई गवाह सामने नहीं आया। इसके कारण वह केस से बरी हो गया। इसकी शादी शास्त्री नगर सेंट्रल पार्क के पास रहने वाले राजू खुल्लर की बहन से हुई थी। ब्राह्मण शिरोमणि पंडित विकास दुबे के नाम से फेसबुक पेज बना रखा था।

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4) कई इलाकों में चलता है ‘सिक्का’
25 हजार रुपये के इनामी बदमाश विकास दुबे के बारे में कहा जाता है कि 2002 में जब प्रदेश में बसपा की सरकार थी तो इसका सिक्का बिल्हौर, शिवराजपुर, रिनयां, चौबेपुर के साथ ही कानपुर नगर में चलता था। साल 2000 में रामबाबू यादव की हत्या की जेल में साजिश रचने का आरोप भी विकास दुबे पर है। वहीं साल 2004 में दिनेश दुबे नाम के एक केबल व्यवसायी की हत्या के मामले में विकास दुबे मुख्य आरोपी है।

5) राजनेताओं के सरंक्षण में राजनीति में कदम, जेल में रहने के दौरान जीता चुनाव
विकास दुबे के बारे में कहा जाता है कि उसने राजनेताओं के सरंक्षण से राजनीति में एंट्री ली और जेल में रहने के दौरान शिवराजपुर से नगर पंचायत का चुनाव जीत लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में विकास दुबे के खिलाफ 60 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार का इनाम रखा था। हत्या और हत्या की कोशिश के मामले में पुलिस विकास दुबे की तलाश में थी और ऐसे ही एक मामले में उसे पकड़ने पुलिस उसके ठिकाने पर पहुंची थी जहां विकास दुबे गैंग ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। मौके का फायदा उठाकर विकास दुबे घटना स्थल से फरार हो गया।

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