Suvendu Adhikari: बंगाल की राजनीति में भूचाल लाने वाला नेता

Suvendu Adhikari पश्चिम बंगाल की राजनीति का वो चेहरा बन गया है, जिसकी अगली चाल 2021 के चुनावों का रुख मोड़ सकती है। जी हां सुवेंदु अधिकारी ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के कद्दावर नेता थे। उन्होंने हाल ही में पार्टी और मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वो जल्द ही बीजेपी जॉईन कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका साबित होगा और बंगाल में सरकार बनाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रही बीजेपी के लिए लॉटरी। तो आईये जानते हैं कि आखिर सुवेंदु अधिकारी में दम कितना है।

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कौन हैं Suvendu Adhikari?

पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर में अच्छा खासा जनाधार रखने वाले राजनीतिक घराने से आने वाले सुवेंदु अधिकारी आजकल चर्चाओं में हैं। सुवेंदु अधिकारी तीन बार लोकसभा सांसद रह चुके शिशिर अधिकारी के बेटे हैं। शुरुवात में कांग्रेस से जुड़े रहे सुवेंदु 1998 में त्रिणमूल कांग्रेस के गठन के बाद ममता बनर्जी के साथ आ गए। नंदीग्राम में ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन में सुवेंदु ने ममता बनर्जी का खूब साथ दिया, इस आंदोलन का खाका सुवेंदु अधिकारी ने ही तैयार किया था। इसी आंदोलन के ही बदौलत टीएमसी ने पश्चिम बंगाल में 34 साल से चले आ रहे कम्युनिस्ट राज को खत्म कर अपनी सरकार बनाई थी।

सुवेंदु अधिकारी टीएमसी के कद्दावर नेता रहे हैं उन्हें अगर ममता बेनर्जी का दाहिना हाथ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। सुवेंदु अधिकारी बंगाल में परिवहन, सिंचाई और जल संसाधन मंत्री थे। वह 15 वीं और 16वीं लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं।

क्या है Suvendu Adhikari की बगावत की वजह?

सुवेंदु अधिकारी की नाराज़गी की मुख्य वजह पार्टी में अहमियत कम होना है। माना जा रहा है कि ममता बेनर्जी अपनी पार्टी के पुराने नेताओं से ज्यादा भरोसा अब अपनी भतीजे अभिषेक बनर्जी पर कर रही हैं। अघोषित रुप से अभिषेक बनर्जी ममता के उत्तराधिकारी भी बन चुके हैं। ऐसे में पार्टी के स्थापना के समय से अपनी चप्पलें घिसते आए नेता ममता बनर्जी से नाराज़ हैं।

क्या बीजेपी के साथ जाएंगे सुवेंदु?

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सांसद अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि सुवेंदु अधिकारी अगर भाजपा में आए तो चुनाव पहले ही राज्य में ममता सरकार गिर जाएगी। इसके साथ ही सुवेंदु के बीजेपी में जाने की हलचल और तेज़ हो गई है। आपको बता दें कि सितंबर 2014 में अधिकारी से सीबीआई शारदा चिट फंड मामले में पूछताछ कर चुकी है। साथ ही नारदा स्कैम की आंच भी उनपर है। ऐसे में बीजेपी के साथ जाना उनके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है साथ ही बीजेपी में जाकर वो मनचाहा पद हासिल कर सकते हैं।

सुवेंदु अधिकारी पूर्वी मिदनापुर में प्रभावशाली नेता हैं। पश्चिमी मिदनापुर, बांकुरा, पुरुलिया, झारग्राम और बीरभूमि के कुछ हिस्सों समेत कुल 35 विधानसभा सीटों पर उनका रुतबा है। अगर सुवेंदु बीजेपी का दामन थामेंगे तो टीएमसी दो फाड़ हो जाएगी क्योंकि जैसा कि बीजेपी सांसद ने कहा कि कई टीएमसी नेता भी सुवेंदु के साथ बीजेपी में आ जाएंगे। हो सकता है कि इससे टीएमसी की सरकार चुनाव पहले ही गिरा जाए।

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