दीप सिद्धू

कौन हैं दीप सिद्धू, जिन पर लगा है लालकिले पर मचे बवाल का आरोप

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गणतंत्र दिवस पर किसान संगठनों की ओर से निकाली गई ट्रैक्‍टर रैली ने मंगलवार को अचानक झड़प का रूप ले लिया था। इसमें 86 पुलिसकर्मी घायल हुए। करीब दो महीने से चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन के अचानक यूं बेकाबू होने की वजह खोजी गई तो कुछ किसान नेताओं ने दीप सिद्धू का नाम लिया। किसान नेताओं ने कहा कि दीप सिद्धू ने किसानों को भड़काया। आइये आपको बता देते हैं कि दीप सिद्धू हैं कौन और वे इस आंदोलन से कैसे जुड़ गए।

दीप सिद्धू का जन्म पंजाब के मुक्तसर में हुआ है। वह मॉडल और अभिनेता है। किंगफिशर मॉडल हंट समेत उन्होंने मॉडलिंग की कई प्रतियोगिताएं जीती हैं। एक्टिंग की दुनिया में उन्होंने फिल्म ‘रमता जोगी’ से कदम रखा। इस फिल्म को मशहूर अभिनेता धर्मेंद्र के बैनर विजेता फिल्म्स में बनाया गया था।

उन्होंने राजनीति में 2019 से कदम रखा और गुरदासपुर से बीजेपी के नेता सनी देओल के लिए प्रचार किया था। जब किसानों का आंदोलन शुरू हुआ और सिद्धू इस आंदोलन में हिस्सा लेते दिखाई दिए तो कई किसान संगठनों के नेताओं ने उन पर बीजेपी का एजेंट होने का आरोप भी लगाया, जिसे सिद्धू ने सिरे से नकार दिया।

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जैसे ही किसान आंदोलन शुरू हुआ दीप सिद्धू सक्रिय हो गए। रास्तों को टोल फ्री करवाने और गांव-गांव जाकर किसानों को आंदोलन के लिए तैयार करने में सिद्धू ने भी अहम भूमिका निभाई। इस सबके बावजूद युवा किसानों में इनकी लोकप्रियता काफी अधिक है।

किसान संगठनों की पुलिस से बातचीत चल रही थी और वह तय रूट से ही ट्रैक्टर परेड निकालने वाले थे, लेकिन आरोप लगाया गया है कि एक रात पहले ही दीप सिद्धू और गैंगस्टर से नेता बने लक्खा सिधाना कुछ किसानों से मिले और उन्हें भड़काया कि किसान संगठन सरकार से बातचीत कर रहे हैं, देखो कुछ नहीं निकला, दो महीने हो गए हैं। ये सरकार की बात मान लेते हैं। बातचीत से कुछ नहीं निकलने वाला, हम दिल्ली में घुसेंगे और लालकिले पर जाएंगे।

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जब किसान बेरिकेट्स तोड़कर दिल्ली में घुसे ये भी मौजूद थे। लालकिले की प्राचीर से जब तिरंगे के बगल में ‘निशान साहिब’ का झंडा लगाया गया, तब सिद्धू उसी समूह में शामिल थे। पताका के साथ फेसबुक लाइव भी किया।  उन्होंने फेसबुक लाइव में ये भी कहा कि हमने विरोध जताने के लिए अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करते हुए सांकेतिक तौर पर निशान साहिब का झंडा फहराया है।

किसान संगठनों ने दीप सिद्धू को हिंसा और झड़प के लिए जिम्मेदार ठहाराया है। उनका कहना है कि दीप ने किसानों के कुछ समूहों को भड़काया और किसान आंदोलन को धार्मिक आंदोलन बना दिया है। बता दें कि दिल्ली में हुई झड़प में 83 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और 22 केस दर्ज हुए हैं साथ ही सरकारी संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

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