कौन है अबु बकर जिसकी 29 साल से थी कई देशों को तलाश ?

कौन है अबु बकर? आज इस नाम के चर्चे क्यों है? ऐसा क्या था कि भारत सहित कई देशों की सुरक्षा एजेंसियां इस नाम के व्यक्ति की तलाश कर रही थी? तीन दशक पहले ऐसा क्या हुआ था कि आज फिर मुंबई का जिक्र हो रहा है? आइए जानते हैं इसकी और इसके पीछे के राज की कहानी जिसे इतिहास के पन्नों में ‘ब्लैक फ्राइडे’ के नाम से दर्ज कर दिया गया। 

अबु बकर, जिसका पूरा नाम अबु बकर अब्दुल गफूर शेख है। इसे भारत सहित अन्य कई देशों की सुरक्षा एजेंसियां तलाश रही थी। अबु बकर को संयुक्त अरब अमीरात में गिरफ्तार कर लिया गया है। यह वही शख्स है जिसे भारत देश की मायानगरी मुंबई में सिलसिलेवार बम ब्लास्ट करने का मास्टरमाइंड कहा जाता रहा है।

आतंकी को भारत लाने की तैयारी की जा रही

तब से मोस्ट वांटेड अबु बकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (POK) को ठिकाना बना रखा था। गिरफ्तार करने के बाद इस आतंकी को भारत लाने की तैयारी की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि प्रत्यर्पण की पेचीदगियां दूर कर उसे ले आया जाएगा। 

इस बात से 2 हफ्ते पहले यानि 19 जनवरी 2022 को वैश्विक आतंक रोधी परिषद ने अंतरराष्ट्रीय आतंकरोधी सम्मेलन 2022 का आयोजन किया था जिसमें संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि एस तिरुमूर्ति ने पाकिस्तान और दाऊद पर निशाना साधा था ।

और कहा कि ” 1993 के मुंबई बम ब्लास्ट के जिम्मेदार आपराधिक सिंडिकेट को न केवल संरक्षण दिया जा रहा है बल्कि पांच सितारा स्तर की आव भगत की जा रही है।” राजदूत तिरुमूर्ति की इस बात को मुंबई ब्लास्ट के गुनहगारों पर कार्यवाही से जोड़कर भी देखा जा रहा था।

क्या हुआ था 29 साल पहले?

अमूमन मुंबई की रफ्तार बाकी शहरों से काफी तेज है लेकिन उस दिन ऐसा हुआ था कि सब कुछ ठहर गया था। इस ठहराव की खबर से देश और दुनिया भी स्तब्ध थी। बात 12 मार्च 1993 की है। जब मुंबई की छाती में एक-एक कर के 12 बम ब्लास्ट हुए थे। जिसमें आधिकारिक तौर पर 257 लोग मारे गए थे और 713 लोग घायल हुए थे। इस आतंकी घटना को ब्लैक फ्राइडे के नाम से भी जाना जाता है। 

तीन साल पहले भी पकड़ा गया था 

मुंबई बम विस्फोट के मोस्ट वांटेड अबु बकर को तीन साल पहले भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन दस्तावेजों की कमी के कारण वह हिरासत से बाहर आने में सफल हो गया। उसने एक ईरानी महिला से शादी भी की थी। यह उनकी दूसरी पत्नी है। 

डी कंपनी से है सीधा सम्बन्ध 

अबु बकर को भारत की सुरक्षा एजेंसी ने संयुक्त अरब अमीरात की सुरक्षा एजेंसियों की मदद से गिरफ्तार किया है। मोस्ट वांटेड अबु बकर का डी-कंपनी से सीधा संबंध है।  डी कंपनी के सरगना दाऊद इब्राहिम के इशारे में ही मुंबई में सिलसिलेवार तरीके से बम ब्लास्ट हुए थे। अबु बकर के खिलाफ 1997 में रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी हुआ था। 

पीओके में बना रखा था डंपिंग 

अबु बकर डी कंपनी के सरगना दाऊद इब्राहिम के प्रमुख लेफ्टिनेंट मोहम्मद और मुस्तफा दोसा के साथ मिलकर तस्करी करता था। वह खाड़ी देशों सोना, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स की तस्करी कर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर भेजता था।

इसके अलावा मुम्बई में भी इसका डंप था। यही नहीं पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में आतंक का प्रशिक्षण देना। हथियार चलाना सीखना आदि काम भी करता था। 

कब-कब क्या हुआ था उस दिन 

दोपहर 1:30 बजे : पहला धमाका, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज

दोपहर 2:15 बजे : दूसरा धमाका, नरसी नाथ स्ट्रीट

दोपहर 2: 30 बजे : तीसरा धमाका, शिवसेना भवन

दोपहर 2:33 बजे : चौथा धमाका,  एयर इंडिया बिल्डिंग

दोपहर 2:45 बजे : पांचवां धमाका, सेंचुरी बाजार

दोपहर 2:45 बजे: छठवां धमाका, माहिम 

दोपहर 3:05 बजे : सातवां धमाका, झावेरी बाजार 

दोपहर 3:10 बजे : आठवां धमाका, सी रॉक होटल 

दोपहर 3:13 बजे : नौवां धमाका, प्लाजा सिनेमा

दोपहर 3:20 बजे : दसवां धमाका, जुहू सेंटूर होटल  

दोपहर 3:30 बजे : ग्यारहवां धमाका, सहार हवाई अड्डा 

दोपहर 3:40 बजे : बारहवां धमाका, एयरपोर्ट सेंटूर होटल

You can connect with Ground Report on FacebookTwitterInstagram, and Whatsapp and Subscribe to our YouTube channel. For suggestions and writeups mail us at GReport2018@gmail.com 

ALSO READ