Home » White Fungus symptoms and treatment: पहले Black Fungus अब White Fungus का भी खतरा

White Fungus symptoms and treatment: पहले Black Fungus अब White Fungus का भी खतरा

black fungus
Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

white fungus symptoms and treatment: ब्लैक फंगस के बाद अब व्हाइट फंगस (white fungus symptoms and treatment) का भी खतरा है। तमिलनाडु, उडिसा, गुजरात और चंडीगढ़ में ब्लैक फंगस को महामारी घोषित करने के बाद अब एक और फंगल महामारी ने दस्तक दी है जिसे व्हाइट फंगस का नाम दिया गया है। ब्लैक फंगस में नाक ऊपर ब्लैक हेड्स की तरह दिखाई देता है, आंख के नीचे लाल हो जाना, आंखे लाल हो जाना आंखों मे सूजन आ जाना और दिमाग में प्रभाव पड़ना इत्यादि होता है इसलिए इसकी पहचान आसानी से की जा सकती है।

इस कोरोना महामारी के दौरान ब्लैक फंगस के बाद व्हाइट फंगस के मामले तेजी से सामने आ रहें है पर मुसीबत व्हाइट फंगस के साथ कुछ अन्य है क्योंकि इसे इतनी आसानी से पता नहीं किया जा सकता।

घर पर ही संभव है कोरोना का इलाज, पर बरतें जरूरी सावधानियां

व्हाइट फंगस के लक्षण
सर्दी, जुखाम, सिरदर्द स्वाद और गंध का चला जाना इसके मुख्य लक्षण हैं साधारणतया कोरोना के ही लक्षण इसमें भी देखने को मिलते है इसकी पहचान का अभी एक ही रास्ता है जिनको कोरोना के लक्षण होने के बावजूद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आती है ऐसे व्यक्तियों को बलगम के सैम्पल का फंगल इनफैक्शन टेस्ट करा लेना चाहिए क्योंकि इस इनफैक्शन की पहचान फंगल इनफैक्शन टेस्ट से ही की जा सकती है | यह फंगस फेफड़े, स्किन, नाखून, मुंह के अंदरूनी भाग, आमाशय, अॉत, किडनी, गुप्तांग और मस्तिष्क को बुरी तरह संक्रमित करता है |

कैसे हुई ब्लैक फंगस की पहचान
कोरोना की रिपोर्ट में लक्षण होने के बावजूद रिपोर्ट का निगेटिव आना कुछ लोग टेस्ट में कमी समझ रहे थे तो कुछ साधारण सर्दी-जुखाम इसी बीच बिहार के पटना चिकित्सा महाविद्यालय ने इसकी जांच की तो पाया कि यह एक घातक फंगल कैनडिडा के कारण हो रहा है और इस फंगल इनफैक्शन को कैनडिडीयासिस नाम दिया।

READ:  Bhuvan bam debut in web Series : यूट्यूबर भुवन बाम की डेब्यू वेब सीरीज 'ढिंढोरा ' का ट्रेलर रिलीज, 9 अलग अलग किरदारों से लुभाएंगे दर्शकों का मन

Black Fungus: मास्क की नमी से हो रहा ब्लैक फंगस? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

कैसे फैल रहा व्हाइट फंगस?
यह इनफैक्शन भी ब्लैक फंगस की तरह मुख्य रुप से कोरोना के उपचार के दौरान हुयी असावधानियों के कारण फैल रहा है ऐसा कई विशेषज्ञों का कहना है उनके कथानुसार अगर कोई कोरोना पॉजिटिव मरीज व्हाइट फंगस से भी इनफैक्टिड रहे होंगे और उपचार के दौरान आक्सीजन सिलैंडर के माध्यम से उन्हें आक्सीजन दी गयी होगी तो उस मास्क मे श्वसन क्रिया के दौरान बहुत सारे कैनडिडा फंगस आ गये होंगे अस्पतालों मे मरीजों की बढ़ती संख्या और आक्सीजन की बहुत ज्यादा डिमांड होने के कारण मास्क को अच्छी तरह से साफ करने का समय न मिल पाने की वजह से यह इनफैक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक जा पहुंचा इसीलिए व्हाइट फंगस की चपेट में मुख्यतः वही लोग हैं जो कोरोना के उपचार के बाद ठीक हुए है |

READ:  Traval 2021: जाना चाहते हैं नेचर के करीब, तो इन जगहों पर करें विजिट

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।