Covishield और Covaxin

Covishield और Covaxin के बीच कौन सा वैक्सीन लेना ठीक है ?

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

DCGI ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने 3 जनवरी को भारत ने आपातकालीन कोरोना वैक्सीन को इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दिया था।

वीजी सोमानी डायरेक्टर ऑफ डीसीजीआई द्वारा 3 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशिल्ड वैक्सीन के इस्तेमाल करने की अनुमति दे कर अधिकारिक घोषणा किया था।

भारत दुनिया का पहला ऐसा देश बना जो एक साथ दो कोरोना वैक्सीन को मंजूरी दी है। आपको बता दें कि इन दोनों ही वैक्सीन को 2 डिग्री से 8 डिग्री के बीच तापमान में स्टोर करना जरूरी होगा। डीसीजीआई के डायरेक्टर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद इन दोनों कोरोना वैक्सीन को 110% सुरक्षित बताया ।

16 जनवरी से भारत के अंदर वैक्सीनेशन का कार्य शुरू हो गया है। इस वैक्सीनेशन के अंतर्गत दो वैक्सीन को अप्रूवल मिला है। जो एक भारत बायोटेक की कोवैक्सीन है, तो वहीं दूसरी सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड है। इन दोनों वैक्सीन में कौन सा वैक्सीन ज्यादा प्रभावी यह एक बड़ा सवाल उठा रहा है।

READ:  मध्य प्रदेश उपचुनाव: कांग्रेस ने इन 15 सीटों पर फाइनल किए अपने उम्मीदवार, देखें लिस्ट

कोवैक्सीन,पूर्ण रूप से स्वदेशी वैक्सीन –
आपको बता दें कि भारत बायोटेक की को वैक्सीन पूरी तरह से स्वदेशी वैक्सीन है। यह भारत में ही बनाया गया है। जो कि हैदराबाद के लैब में तैयार किया गया है और इसका ट्रायल भी भारत के अंदर ही हुआ है। वही कोविशील्ड वैक्सीन की बात करें, तो यह ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ने मिलकर इस वैक्सीन को तैयार किया है। कोविशील्ड वैक्सीन को भारत में निर्माण किया गया है और इसके ट्रायल के लिए सीरम इंस्टीट्यूट की भागीदारी रही है।

कौन सी वैक्सीन कितनी प्रभावित है –
दोनों कोरोना वैक्सीन को लेकर डीसीजीआई ने कहा है कि यह सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन है।
भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को लेकर डीसीजीआई ने बताया कि यह टीका ट्रायल के दौरान प्रभावी और सुरक्षित पाया गया है। इस वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के ट्रायल में कुल 800 लोगों को टीका लगाया गया था। इसके अलावा इस वैक्सीन को कई जानवरों पर भी परीक्षण किया गया है।अभी कोवैक्सीन का तीसरा ट्रायल चल रहा है जिसमें 22500 लोगों को टीका लगाया जा चुका है।
डीसीजीआई ने कोविशील्ड वैक्सीन को लेकर बताया कि यह वैक्सीन सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन है। जो कि मूलतः ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन है। जिसका ट्रायल भारत देश के साथ अन्य कई देशों में भी किया गया है। इस वैक्सीन को 70.42% तक प्रभावी पाया गया है। भारत में इसके परीक्षण के दूसरे और तीसरे चरण में 16000 लोगों को शामिल कर टीका लगाया गया था जिसके परिणाम बेहतर रहे थे।

READ:  पालघर मॉब लिंचिंग के 101 आरोपियों की लिस्ट जारी, मीडिया के मनमुताबिक़ नहीं निकली भीड़

स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन दोनों ही वैक्सीन को एक समान प्रभावी और सुरक्षित बताया है।

%d bloggers like this: