सिर्फ मोमबत्तियां जलवायेगी या डॉक्टरों को पीपीई भी देगी सरकार?

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ग्राउंड रिपोर्ट, नई दिल्ली:
अब तक पूरे देश में कोरोनावायरस(Coronavirus) से 74 लोगो की मौत हो चुकी है. देशभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या आज बढ़कर 3374 हो गयी है. देश में जारी इस संकट में मरीज़ो का इलाज कर रहे डॉक्टर भी नहीं बच पा रहे हैं. अबतक लगभग 50 से भी ज्यादा डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं. सभी डॉक्टर संक्रमित लोगों के इलाज के दौरान वे पल-पल वायरस से संक्रमित होने के खौफ में जीने को मजबूर हैं.

सोशल मीडिया के माध्यम से तरह तरह के वीडियो सामने आये जिनमें स्वास्थ्य कर्मीयों ने अस्पतालों में मास्क, पीपीई यानि पर्सनल प्रोटेक्टिव किट(Personal Protective Kit) और अन्य उपकरणों की कमी की जानकारी दी. दो दिन पहले पंजाब में नर्सों ने पीपीई न मिलने पर प्रोटेस्ट किया. नर्सों का कहना है हॉस्पिटलों में पीपीई की कमी है जिससे स्वास्थ्य कर्मी भी कोरोना के संक्रमण से डर रहे हैं. पंजाब में कोरोना के मामले 50 के करीब पहुंच गए हैं.

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आज ट्विटर पर #ModijiSaveDoctors और #Hum_Light_Nahi_Bujhayenge टॉप ट्रेंड में है. अभी तक इस हैशटैग के करीब 25 हज़ार ट्वीट्स हो चुके हैं. सोशल एक्टिविस्ट हंसराज मीणा ने ट्वीट कर कहा… “इस महामारी के संकट में डॉक्टरों को सरकार द्वारा महफूज करवाना हमारी पहली जिम्मेदारी हैं। वो ज़िंदा व सुरक्षित हैं तो हमारा भी अस्तित्व सुरक्षित रहेगा। सभी मिलकर 15 मिनीट में इस हैशटैग को नेशनल ट्रेन्डिंग करें। ट्वीट व रिट्वीट करें।”

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दिल्ली में AIIMS के डॉक्टर दंपत्ति कोरोनावायरस से संक्रमित पाए गए हैं. ये डॉक्टर महिला 9 महीने की प्रेग्नेंट हैं. इसके साथ ही अब तक दिल्ली के 8 डॉक्टर कोरोनावायरस से संक्रमित हो चुके हैं. और मोहल्ला क्लीनिकों में काम कर रहे कई डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित पाए गए. सफदरजंग अस्पताल में भी दो रेजिडेंट डॉक्टरों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई. बताया गया था कि अस्पताल में कोविड-19 मरीजों का इलाज कर रही टीम में शामिल एक डॉक्टर ड्यूटी के दौरान संक्रमित हुआ है.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब तक अलग अलग तरीके से देश को तीन बार सम्बोधित किया. उन्होंने हर बार स्वास्थ्य कर्मियों को सराहा लेकिन कुछ उपयोगी समाधान निकालने में वह हर बार असफल रहे. उन्होंने स्वास्थ्य कर्मी, सफाई कर्मी और पत्रकारों के लिए “कोरोना वारियर” शब्द का प्रयोग किया. इन वारियर्स को सराहने के लिए मास्क और पीपीई जैसे उपकरणों का इंतजाम करना चाहिए था. लेकिन पीएम मोदी सिर्फ देश की जनता से थाली और घंटी ही बजाने की अपील ही कर पाए. और जनता ने इतना किया भी, मगर सरकार अब भी इन कोरोना वारियर्स की जान बचाने के लिए सजग दिखाई नहीं दे रही है.

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उधर प्रधानमंत्री मोदी ने ये हैशटैग देकर देश की जनता को एक रिमाइंडर दिया है कि आज शाम उन्हें 9 बजे, 9 मिनट के लिए उनकी अपील का पालन करना है…

प्रधानमंत्री मोदी ने 3 अप्रैल की सुबह 9 बजे एक वीडियो साझा करते हुए लोगो से 5 अप्रैल यानि आज रात 9 बजे, 9 मिनट के लिए घर की सभी लाइटें बंद कर मोमबत्ती, दिए और मोबाइल की टोर्च जलाने की अपील की थी. शायद ये अपील वह मास्क और पीपीईशायद ये अपील वह मास्क और पीपीई की सप्लाई के लिए करते तो बेहतर होता.