किसानों का भारत बंद

जब किसानों के लिए पांच दिन जेल गए थे अटल बिहारी

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किसानों का भारत बंद : देशभर में आज भारत बंद का आहवान है। सुबह 11 बजे से 3 बजे तक बंद का एलान है। तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग पर अड़े हैं और इसके विरोध में किसान संगठनों ने भारत बंद का ऐलान किया है। ऐसे में बहुत कम ही लोग जानते होंगे कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को किसानों के मुद्दे पर आवाज उठाने की खातिर जेल जाना पड़ा था। नैनी जेल में अटल बिहारी वाजपेयी पांच दिन रखा गया था। मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि सुधार कानून के खिलाफ पिछले दो हफ्तों से किसान एकजुट होकर आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

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बात 1973 की है। यूपी में कांग्रेस की सरकार थी और सत्ता की कमान हेमवती नंदन बहुगुणा के हाथों में थी। सरकार का आदेश था कि सभी किसानों का सरकारी मूल्यों पर गेहूं बेचना अनिवार्य है। गेहूं की पैदावार अच्छी होने से बाजार में भाव अच्छा मिल रहा था, लेकिन सरकारी आदेश के चलते किसान परेशान थे। यूपी की कांग्रेस सरकार किसानों को सरकारी दामों पर गेहूं बेचने के लिए मजबूर कर रही थी। जनसंघ ने सरकार के खिलाफ देश भर में गेहूं की लेवी आंदोलन शुरु किया।

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उत्तर प्रदेश में गेहूं की लेवी किसान आंदोलन की अगुवाई की जिम्मेदारी अटल बिहारी बाजपेयी के हाथो में थी. ऐसे में अटल बिहारी बाजपेयी ने अपने साथ हजारों लोगों को लेकर सड़क पर उतरकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ हल्ला बोला था।

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किसानों के मुद्दे पर अटल बिहारी बाजपेयी के उतरने के चलते लखनऊ में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बल प्रयोग किया लेकिन अटल बिहारी वाजपेयी के साथ सड़कों पर उतरे नौजवान किसान पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। ऐसे में उस समय अटल बिहारी वाजपेयी को देश की सबसे सुरक्षित जिलों में से एक नैनी जेल में रखा गया था।

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