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बाढ़ कब और क्यों आती है ?

बाढ़ क्यों आती है ?

बेंगलुरू में आई बाढ़ से मची तबाही का मंज़र आपने देखा। हर कुछ पानी में समां गया। भारत का सिलिकॉन वैली कहा जाने वाला शहर (बेंगलुरू) भारी बारिश के बाद किसी नदी में बदल गया। अचानक आई बाढ़ के कारण बेंगलुरू शहर थम गया और जीवन अस्त व्यस्त सा हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, IT कंपनियों के इस बाढ़ के कारण 250 करोड़ के आस-पास नुकसान हुआ। बारिश ने यहां कई दशकों का रिकार्ड तोड़ डाला।

बेंगलुरु कोई देश का पहला शहर नहीं जो बाढ़ के कारण इस पानी-पानी हुआ हो। देश के विभिन्न हिस्से बाढ़ से प्रभावित होते रहते हैं और इसमें बड़े-बड़े शहर भी शामिल हैं। बिहार की बाढ़ तो हर साल मानसून में चर्चा का विषय बन जाती है। बिहार में हर साल बाढ़ से जान-माल की बड़ी हानि होती है। हम लोगों के ज़हन में ये सवाल ज़रूर आता होगा कि यह बाढ़ क्यों आती है? बाढ़ रोका क्यों नहीं जा सकता?

बाढ़ कब और क्यों आती है ?

आपने बाढ़ से होने वाली तबाही तो देखी है। लेकिन बाढ़ कब और क्यों आती है इसका जवाब हर कोई तलाश करता है। भारत में बाढ़ सबसे आम और गंभीर प्राकृतिक मौसमी घटना है, जिसके कारण जान-माल और आजीविका को बड़े पैमाने पर नुकसान होता है। बाढ़ तब आती है जब पानी समुद्रों, महासागरों, तालाबों, झीलों, नहरों, या नदियों समेत तमाम जल निकायों में उनकी सीमा से अधिक पार चला जाता है। इस कारण पानी फैल जाता है।

साल 2021 में किया गया एक अध्ययन बताता है कि भारत में सालाना होने वाली मौसम संबंधित मृत्यु में लगभग 75% मृत्यु इन दोनों घटनाओं के कारण होती है। पिछले 50 सालों में बाढ़ और चक्रवाती तूफान के कारण सबसे अधिक लोगों की आकस्मिक मृत्यु हुई। देश में आपदा प्रबंधन में विकास, आपदाओं की शुरुआती पहचान और चेतावनी के बावजूद भी पिछले दो दशकों में देश के ओडिसा, असम, बिहार, केरल, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में मौसम संबधिंत आपदाओं के कारण मृत्यु दर बहुत अधिक रही है।

बाढ़ के कितने प्रकार हैं और क्यों आती है?

  • मुख्य रूप से तो बाढ़ पांच प्रकार की होती हैं और बाढ़ आने के कई कारण हो सकते हैं। इन पांच प्रकारों में फ्लैश फ्लड, तटीय बाढ़, नदी (फ्लूवियल) बाढ़, तालाब (प्लवियल) बाढ़, और शहरी बाढ़ हैं।
  • फ्लैश फ्लड एक ऐसी बाढ़ जो पलक झपकते ही सबकुल जलमग्न कर देती है। इसको लेकर कोई अनुमान नहीं होता है। बादल फटने, अचानक भारी बारिश या नदी-झील में विस्फोट के कारण पानी का स्तर बढ़ जाता है और यह पानी बाढ़ का कारण बनता है।
  • तटीय बाढ़ तब आती है जब ज्वार के साथ भारी तूफान के कारण समुद्र का जल स्तर बढ़ जाता है। इस वजह से समुद्र का पानी तट से सटे सामान्य रूप से सूखे इलाके में आ जाता है।
  • नदियों में बाढ़ आमतौर पर तब आती है जब नदियां, लंबे समय तक भारी वर्षा के साथ बढ़ जाती हैं। ऐसी स्थिति में नदी के किनारे और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ आती है।
  • तालाब या प्लवियल बाढ़ समतल क्षेत्रों में तब आती है जब लंबे समय तक बारिश होने के बाद पानी की निकासी नहीं हो पाती।
  • नदी या नहर के माध्यम से पानी निकल नहीं पाता और जमीन में पानी अवशोषित करने की क्षमता कम हो जाती है।
  • शहरी बाढ़ तब आती है जब किसी शहर का सीवेज और नहर तटीय बाढ़, नदी की बाढ़ या भारी बारिश के कारण आए पानी के तेज प्रवाह को संभाल नहीं पाते हैं।

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