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मॉनसूनी हवा होने के बावजूद क्यों नहीं होती कई दिनों तक बारिश ?

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न्यूज़ डेस्क।।मई-जून की भयंकर गर्मी के बाद हर कोई मॉनसून का इंतज़ार करता दिखाई देता है। किसान बुवाई के लिए आसमान में टकटकी लगाए रहता है कि कब मेघराज मेहरबान हों और वो बोवनी की शुरुवात करे। सभी का मानना होता है कि एक बार मॉनसून की दस्तक हुई फिर तो हर रोज़ बारिश होगी। लेकिन दो-चार दिन भारी बारिश के बाद अचानक से बारिश थम सी जाती है। उत्तर और मध्य भारत में फिर से गर्मी और उमस का दौर शुरू हो जाता है। जो किसान पहली बारिश में बोवनी कर चुके होते हैं, उन्हें अपनी फसल सूखने के डर सताने लगता है। आखिर मौसम ऐसी बेरुखी क्यों करता है?

क्या मॉनसून भी लेता है ब्रेक?

दरअसल इस स्थिति को मॉनसून ब्रेक कहते हैं। जी हां जनाब मॉनसून भी छुट्टी मनाने जाता है। जून के अंत और जुलाई के शुरुआती हफ्ते में मध्य और उत्तर भारत से मानसून छुट्टी लेकर पहाड़ी इलाकों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और दक्षिणी राज्यों में जमकर बरसता है। इस दौरान इन राज्यों में बादल फटने जैसी घटनाएं भी होती हैं।

वैज्ञानिक अब तक मानसून ब्रेक क्यों होता है? यह पता लगा पाने में नाकामयाब रहे हैं। हिंदुस्तान अखबार में छपी सृष्टि चौधरी की रिपोर्ट के अनुसार भारत और अमेरिका के वैज्ञानिक अब इस रहस्य पर से पर्दा उठाने के लिए साथ काम करने वाले हैं। भारत का हिन्द महासागर शोध पोत ‘सागर निधि’ बंगाल की खाड़ी में रहकर दक्षिण पश्चिम मॉनसून के विभिन्न पहलुओं पर अध्यन करेगा। यहां बता दें कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून से ही भारत मे 70 फ़ीसदी बारिश होती है। इस शोध से यह पता लगाया जाएगा की मॉनसूनी हवा होने के बावजूद कई दिनों तक बारिश क्यों नहीं होती? जिसे हम मॉनसून ब्रेक कहते हैं।

अगर आप के क्षेत्र में बारिश थम गई है तो चिंता मत कीजिये मानसून आप से नाराज़ नही है बस वह छोटे से ब्रेक पर है। जैसे ही वह लौटेगा आप फिर से झमाझम बारिश का आनंद उठा पाएंगे।

आइये अब जान लेते हैं देश भर में क्या है मौसम का मौजूदा हाल…

उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की बारिश फिलहाल कमजोर पड़ गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि मानसून का अक्ष हिमालय की तलहटी में जा पहुंचा है। इस वजह से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश बढ़ गई है।

कोंकण और पश्चिमी घाट के तमाम इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी है। मॉनसून ब्रेक के कारण उत्तर-पश्चिम भारत में खिली हुई धूप के बीच चिपचिपी गर्मी होगी, तो वहीं पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में झमाझम बारिश के साथ सावनी घटाएं बरसेंगी।

पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिमी राजस्थान में रात के तापमान सामान्य के मुकाबले 1.6 से 3 डिग्री सेल्सियस ऊपर रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।आगामी शनिवार और रविवार को उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम में एक बार फिर से बदलाव होगा और फिर से मानसून की बारिश इन इलाकों में तेजी पकड़ेगी।

मौसम के ताजा आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटों में चेरापूंजी में 34 सेंटीमीटर, हरनाई में 18 सेंटीमीटर, रत्नागिरि में 11 सेंटीमीटर, गोवा में 9 सेंटीमीटर, जलपाईगुड़ी में 7 सेंटीमीटर, मुंबई और भीरा में 6 सेंटीमीटर की तेज बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने बिहार, सिक्किम, पश्चिम बंगाल के उपहिमालयी क्षेत्रों, असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका है।मौसम विभाग के मुताबिक अभी पूर्वोत्तर राज्यों में झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा, लेकिन 22 जुलाई की रात से उत्तराखंड, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम करवट लेना शुरू करेगा और 23 तारीख को सुबह होते-होते उत्तर पश्चिम भारत के तमाम इलाकों में घने बादलों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। मौसम में इस बदलाव की संभावना को देखते हुए ऐसा अनुमान है कि दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में 23 और 24 जुलाई को कई जगहों पर झमाझम बारिश हो सकती है।

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