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क्या है फ्रांस का एन्टी रैडिकल इस्लाम क़ानून?

फ्रांस
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एन्टी रैडिकल इस्लाम क़ानून : बीते दिनों फ्रांसीसी संसद ने विवादित सेपरेटिज्म बिल (Separatism bill) का ड्राफ्ट पेश कर किया गया। विवादित इसलिए कि ये इस्लामिक कट्टरता पर सीधा-सीधा वार करता है। हालांकि बिल में इस्लाम का जिक्र नहीं है, बल्कि इसे गणतंत्र को ढंग से स्थापित करने की तरह पेश किया जा रहा है। दूसरी ओर मुस्लिम समुदाय इस बिल का जमकर विरोध कर रहे हैं। फ्रांस के मुस्लिम जमकर इसके विरोध में हैं।

फ्रांसीसी मुस्लिमों को आश्वस्त करते हुए फ्रेंच प्रधानमंत्री जीन कासटेक्स कहते हैं कि ये किसी धर्म या मुस्लिम धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि अलगाववादी मुस्लिम सोच के खिलाफ है, जो फ्रांस को बांटने की फिराक में है।

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बीते कुछ सालों में फ्रांस पर एक के बाद एक कई आतंकी हमले हुए। ये सारे ही हमले इस्लामिक कट्टरपंथियों ने किए थे। नया बिल इसी पर लगाम कसने की बात करता है।फ्रांसीसी संसद के लगातार आश्वस्त करने के बाद भी वहां के मुस्लिमों इसके विरोध में सड़कों पर हैं।

एन्टी रैडिकल इस्लाम क़ानून पर क्यों हो रहा है ?

  • इसे सेपरेटिज्म बिल (Separatism bill) कहा जा रहा है। इसके तहत मस्जिदों पर नजर रखी जाएगी कि कहीं वहां कट्टरता को नहीं सिखाई जा रही।
  • साथ ही साथ मुस्लिम समुदाय के बच्चे स्कूली शिक्षा पूरी करें, ये भी पक्का किया जाएगा।
  • उन स्कूल और शिक्षण संस्थानों को बंद करवाया जा सकेगा, जो शिक्षा के बहाने ब्रेनवॉश करते हैं।
  • साथ ही साथ नए कानून के तहत होम-स्कूलिंग पर कड़े प्रतिबंध लगेंगे ताकि ऐसे स्कूलों में बच्चों का दाखिल न किया जाए जो नेशनल करिकुलम से अलग हो।
  • बिल के आने से पहले ही कई कदम उठाए जा रहे हैं। मिसाल के तौर पर इसी साल की शुरुआत में फ्रांस ने विदेशी इमामों के आने पर रोक लगा दी।
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देश में अधिकतर सुन्नी-बहुल आबादी है, जो फ्रांस की संस्कृति के बीच ही अपनी पहचान बनाए हुए है। ऐसे में वे डरे हुए हैं कि कहीं इससे उन्हें या उनकी धार्मिक आजादी को कोई खतरा तो नहीं। और यही बात फ्रांस में विवाद का कारण रही।

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फ्रांस में पूरे यूरोप में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी रहती है ।साल 2019 में फ्रांस की कुल जनसंख्या करीब 6.7 करोड़ थी। इसमें करीब 65 लाख मुस्लिम आबादी भी शामिल है। यानी ये कुल आबादी का लगभग 9 प्रतिशत ।

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