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West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल हिंसा में अब तक क्या-क्या हुआ?

West Bengal Violence: What happened in West Bengal violence so far?
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West Bengal Violence: विधानसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद पश्चिम बंगाल के कई जगहों से हिंसा (West Bengal Violence) की खबरें आ रहीं है। इस चुनाव में बीजेपी पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा। बताया जा रहा है कि इस हिंस (West Bengal Violence:) में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा (West Bengal Violence) इतनी बढ़ चुकी है कि इसमें बीजेपी के 9 कार्यकर्ता और टीएमसी के 7 कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गयी। दोनों पार्टियां एक एक करके सभी कार्यकर्ताओं और उनके सपोर्टरों को निशाना बना रहीं हैं। इनसब के बीच जनता भी पिस रही है। उनके घरों को जलाया जा रहा है, दुकानों में लूटपाट हो रही है। आइये आपको इस स्टोरी के जरिये बताते हैं कि पश्चिम बंगाल के चुनाव के दौरान क्या क्या हुआ और इस पर राजनेताओं ने क्या बयान दिए।

कब शुरू हुए बंगाल चुनाव, क्या आया इसका रिजल्ट
बंगाल में चुनाव 2 मार्च को शुरू हुए थे। जिसमें वोटिंग 8 चरण में हुई। पहले चरण की वोटिंग 5 जिलों की 30 सीटों पर 27मार्च को हुई। इसी तरह दूसरे चरण की वोटिंग 4 जिलों की 30 सीटों पर 1 अप्रैल को, तीसरे चरण की वोटिंग में 3 जिलों की 31 सीटों पर 6 अप्रैल, चौथे चरण की वोटिंग 5 जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवे चरण की वोटिंग 6 जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण की वोटिंग 4 जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल को, सातवें चरण की वोटिंग 4 जिलों की 43 सीटों पर 26 अप्रैल को, और आठवें व आखरी चरण की वोटिंग 4 जिलों को 35 सीटों पर 29 अप्रैल को हुई। इन आठ चरण का रिजल्ट रविवार 2 मई को आया। जिसमें बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। पश्चिम बंगाल  में ममता बनर्जी की सरकार बरकरार है। TMC 215 सीटों के भारी मतों से जीत गयी लेकिन नंदीग्राम में चुनाव हार गई।

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बंगाल हिंसा बनी आम लोगों के लिए जान का खतरा
बंगाल में हिंसा की वजह साफ है। जो ममता बनर्जी के नंदीग्राम में चुनाव हार जाने के कारण हुई। TMC ने इन नतीज़ों को लेकर इलेक्शन कमीशन के सामने दुबारा वोटिंग की मांग रखी है। नंदीग्राम के रिजल्ट से नाराज होकर TMC के कार्यकर्ताओं ने हिंसा करना चालू कर दिया। इस हिंसा के दौरान बीजेपी के बहुत से कार्यकर्ता और सपोर्टरों को टीएमसी निशाना बना रही है। हिंसा में सबसे ज्यादा नुकसान आम लोगों को हो रहा है। सोशल मीडिया पर हर जगह हजारों संख्या में वीडियो और तस्वीरें आ रहीं हैं। हिंसक पोस्ट और ट्वीट इतने ज्यादा देखने को मिल रहें है कि उनके सही या गलत होने की सही से पहचान भी नहीं की जा सकती है। इससे आम लोगों में ख़ौफ़ का माहौल लगातार बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में पूर्व मेदिनीपुर के अलावा पश्चिमी मेदिनीपुर, बीरभूम, और जलपाईगुड़ी से हिंसा की खबर मिल ही रही है।

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हिंसा के दौरान क्या क्या हुआ
बंगाल में रिजल्ट आने के बाद से हिंसा का खेल रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिसमे अब तक 17 लोगों की हत्या हो चुकी है। बीजेपी के अपने 9 कार्यकर्ताओं की मौत हुई है, जिनमें जगद्दाल में शोवा रानी मंडल, रानाघाट में उत्तम घोष, बेलेघाटा में अभिजीत सरकार, सोनारपुर दक्षिण में होरोम अधिकारी, सितलकुची में मोमिक मोइत्रा, बोलपुर में गौरव सरकार, सितलकुची में मिंटू बरमान और दीनहाता में हरधन रॉय और चंदन रॉय की हत्या का आरोप टीएमसी पर लगाया है। टीएमसी के भी 7 कार्यकर्ताओं को हत्या हुई है लेकिन उनके नाम सामने नहीं आये है।

जिन लोगों की मौत हुई, उनमे संयुक्त इंडियन सेकुलर ओर लेफ्ट के सपोर्टर भी शामिल हैं,जिनकी इंडियन सेकुलर फ्रंट की दक्षिणि 24 परगना में हत्या हुई। पूर्व मेदिनीपुर के बीजेपी जिला अध्यक्ष प्रलय पाल का दावा है कि टीएमसी की वजह से कई कार्यकर्ता अपने घर छोड़ कर जान बचाकर भाग गए हैं। बताया जा रहा है कि पूरे बंगाल के घरों और पार्टी ऑफिस में तोड़फोड़ करी गई है।

दुकानों में आग लगा दी गयी, लूटपाट भी हुई और दुष्कर्म के मामले भी सामने आए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर भी अलग ही राग चालू है। लोग कब कौन सी फ़ोटो या वीडियो उठाकर बंगाल हिंसा के नाम से पोस्ट कर दे रहें है, हर दिन हजारों ट्वीट आ रहें है कौन सा सच है कौन सा झूट इसको पहचान पाना भी बहुत मुश्किल हो गया है। ऐसे में बंगाल हिंसा पर ट्वीट करने पर ऐक्ट्रेस कंगना रणावत का ट्विटर अकाउंट भी ससपेंड कर दिया गया है। हिंसा में मारे गए पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या की खबर सुनकर बीजेपी के अध्यक्ष जे.पी. नड्डा उनके घरवालों से मिलने गए हैं।

बंगाल के हालात देखकर मोदी सरकार ने चिंता जताई
पश्चिम बंगाल के चुनाव की हिंसा को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चिंता जताई है। उन्होंने अभी कोई ठोस कदम उठाने के बारे में नहीं सोचा है। मोदी ने बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ से फोन पर बातचीत की और बंगाल की कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इस बात की खबर खुद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ट्वीट करके दी। राज्यपाल ने ट्वीट किया कि- ‘प्रधानमंत्री ने मुझे फोन किया और बंगाल की कानून व्यवस्था की स्थिति पर अपनी पीड़ा और काफी चिंता जताई है। मैं सीएम ममता बनर्जी से इस बारे में जरूर बात करूंगा और सभी चिंताओं को साझा करूँगा। राज्य में हो रही हिंसा, लूट पर रोक टोक जरूरी है।

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बीजेपी सांसद रूपा गांगुली ने क्या कहा
इसी बीच बीजेपी की सांसद रुपा गांगुली का कहना है कि- मुझे लगता है कि यहाँ से केंद्रीय सुरक्षा बलों को चुनाव के तुरंत बाद हटाना ही नहीं चाहिए था। केंद्रीय बलों को कम से कम 15 दिन और रहने देना चाहिए था। शायद तभी हम लोगों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाते। अभी भी इस तरह का निर्णय तुरंत लिया जाना चाहिए ताकि निर्दोष लोगों की जान बचायी जा सके। बंगाल को जानने वाले लोगों को इस बात का पता था कि चुनाव के बाद हिंसा जरूर होगी लेकिन कोई कदम नही उठाया गया।

ममता बनर्जी ने हिंसा को बताया झूठ
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने हिंसा के सारे आरोप को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि ये सब बीजेपी का किया धरा है। सब पुरानी फोटज़ वायरल करी जा रही है जिसकी जाँच करके उसको हटाने को बोला है। ममता बनर्जी ने कहा ये सब बीजेपी का ही प्रोपेगेंडा है। कुछ छोटी घटनाएं हुई हैं लेकिन ये राज्य में होती रहतीं हैं। मैं हिंसा को सही नहीं ठहरा रही लेकिन बीजेपी अपनी शर्मनाक हार की वजह से ये सब कर रही है। उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी अपना विश्वास खो चुकी है। अब तक भी कानून व्यवस्था केंद्रीय बल ही सम्भाल रही है, मैं नहीं। तो जो भी कुछ हो रहा है उसके लिए बीजेपी ही दोषी है।

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