ममता सरकार

तो क्या चुनाव पहले ही गिर जाएगी बंगाल में ममता सरकार?

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West Bengal Politics: बंगाल में भाजपा ममता बेनर्जी का किला ढहाने के लिए इस कदर बेताब है कि चुनाव का इंतज़ार करना भी अब मुनासिब नहीं लगता। पश्चिम बंगाल में चुनावों के पहले ममता की पार्टी टूट की कगार पर आ गई है और इसके लिए टीएमसी बीजेपी की गंदी राजनीति को ज़िम्मेदार मान रही है तो वहीं बीजेपी इसे ममता बेनर्जी की नाकामयाबी करार दे रही है। हाल ही में टीएमसी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी ने कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था, उनके बीजेपी में शामिल होने की हलचल तेज़ है। अब पश्चिम बंगाल में बीजेपी के सांसद अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि सुवेंदु अधिकारी अगर भाजपा में आए तो चुनाव पहले ही राज्य में ममता सरकार गिर जाएगी। आईए समझते हैं इस बयान के क्या हैं मायने?

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बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह का दावा

पश्चिम बंगाल में बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने दावा किया है कि अगर सुवेन्दु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो जाते हैं तो चुनाव से पहले राज्य में सरकार गिर जाएगी। इससे मेरा मतलब है कि कई लोग पार्टी (TMC) छोड़ देंगे। दरअसल, सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार में कैबिनेट मंत्री के पद से एक हफ्ते पहले इस्तीफा दे दिया था और तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष को बता दिया था कि वे पार्टी के काम नहीं कर पाएंगे। बता दें कि सुवेंदु अधिकारी रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीएमसी छोड़ने पर अपना स्टैंड क्लियर करेंगे। सुवेंदु पश्चिमी मिदनापुर में अपने होमटाउन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।

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कौन हैं सुवेंदु अधिकारी?

सुवेंदु अधिकारी टीएमसी के कद्दावर नेता रहे हैं उन्हें अगर ममता बेनर्जी का दाहिना हाथ कहा जाए तो गलत नहीं होगा। शुभेंदु अधिकारी बंगाल में परिवहन, सिंचाई और जल संसाधन मंत्री थे। वह 15 वीं और 16वीं लोकसभा के सदस्य भी रह चुके हैं। 2007 में हुए नंदीग्राम आंदोलन का आर्किटेक्ट शुवेंदु को माना जाता है। इस आंदोलन के बाद ही बंगाल में लेफ्ट राज का खात्मा हुआ था और टीएमसी ने अपने पैर जमाए थे।

क्या है सुवेंदु अधिकारी की बगावत की वजह?

सुवेंदु अधिकारी की नाराज़गी की मुख्य वजह पार्टी में अहमियत कम होना है। माना जा रहा है कि ममता बेनर्जी अपनी पार्टी के पुराने नेताओं से ज्यादा भरोसा अब अपनी भतीजे अभिषेक बनर्जी पर कर रही हैं। अघोषित रुप से अभिषेक बनर्जी ममता के उत्तराधिकारी भी बन चुके हैं। ऐसे में पार्टी के स्थापना के समय से अपनी चप्पलें घिसते आए नेता ममता बनर्जी से नाराज़ हैं।

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सुवेंदु के जाने से बंगाल में ममता सरकार को कितना नुकसान?

सुवेंदु अधिकारी पूर्वी मिदनापुर में प्रभावशाली नेता हैं। पश्चिमी मिदनापुर, बांकुरा, पुरुलिया, झारग्राम और बीरभूमि के कुछ हिस्सों समेत कुल 35 विधानसभा सीटों पर उनका रुतबा है। अगर सुवेंदु बीजेपी का दामन थामेंगे तो टीएमसी दो फाड़ हो जाएगी क्योंकि जैसा कि बीजेपी सांसद ने कहा कि कई टीएमसी नेता भी सुवेंदु के साथ बीजेपी में आ जाएंगे। हो सकता है कि इससे टीएमसी की सरकार चुनाव पहले ही गिरा जाए।

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