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कैसे इस्लाम न कबूलना बन गया वाजिद और कमलरुख के रिश्ते में दरार?

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संगीतकार और गायक वाजिद खान (Wajid Khan) के निधन को 5 महीने का ही समय हुआ है और अब उनकी पत्नि कमलरुख (Kamalrukh) ने अपने ससुराल वालों पर जबरन धर्म परिवर्तन करवाने का आरोप लगाया है। गायक वाजिद खान का निधन इसी वर्ष 1 जून को हुआ था।

वाजिद की पत्नी कमलरुख खान ने अपने इंस्टाग्राम पर धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून बनाने का समर्थन करते हुए पोस्ट किया। साथ ही यह भी बताया कि उन्होंने शादी के बाद किस तरह संघर्ष किया है। कमलरुख ने लिखा कि इंटर कास्ट मैरिज में उन्होंने काफी कुछ सहा, वाजिद के परिवार वालों ने जबरन धर्म परिवर्तन के लिए उनपर दबाव बनाया था।

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वाजिद खान की पत्नी कमलरुख का पोस्ट

कमलरुख ने अपने लंबे चौड़े पोस्ट में लिखा कि “मैं एक पारसी और वाजिद मुस्लिम थे। हमारा प्यार कॉलेज में ही परवान चढ़ा। हमारी शादी स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत हुई थी। स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत आपको शादी के बाद अपना धर्म मानने की पूरी आज़ादी होती है। लेकिन एक औरत को समाज में धर्म के नाम पर बहुत कुछ सहना पड़ता है। उसके साथ परिवार में भेदभाव होता है, उसे प्रताड़ित किया जाता है। यह बहुत ही शर्म की बात है और आंखे खोल देने वाला है।

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मेरी परवरिश एक साधारण पारसी परिवार में हुई जहां एक तरह का खुलापन और लोकतांत्रिक माहौल मुझे मिला। मेरे परिवार में मुझे बात करने, अपने विचार रखने की आज़ादी मिली। हर स्तर पर शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। लेकिन शादी के बाद सब कुछ बदल गया।

मेरी शिक्षा, मेरी आज़ादी, मेरे मूल्य मेरे सिद्धांत मेरे पति के परिवार वालों को चुभने लगे। एक पढ़ी-लिखी आज़ाद ख्याल महिला जिसकी हर विषय पर अपनी राय थी वह मेरे ससुरालवालों को पसंद नहीं थी। उनके हिसाब से मेरा धर्म परिवर्तन को न कहना उसके खिलाफ जाना उनके लिए अपवित्र था।

मैने हर धर्म का सम्मान किया है, उसमें भाग लिया और सेलिब्रेट किया। लेकिन इस्लाम न कबूलना अचानक से मेरे और मेरे पति के रिश्ते में दरार बनता गया। चीज़ें इस हद तक खराब हो गई हमारा पती पत्नी का रिश्ता ही खराब होता चला गया। मेरा आत्मसम्मान मुझे इस्लाम कबूल कर वाजिद और उसके परिवार के सामने झुकने की इजाज़त नहीं देता था।

केवल इस्लाम न कबूल करने की वजह से वाजिद का परिवार मुझसे नफरत करने लगा। यह नफरत इतनी गहरी है कि वाजिद के मौत के बाद भी उनमें कोई बदलाव इसको लेकर नहीं आया है।

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अपनी बात खत्म करते हुए कमलरुख ने लिखा कि सभी धर्म ईश्वरीय रास्ता दिखाते हैं। जियो और जीने दो का सिद्धांत ही एक मात्र ऐसा धर्म है, जिसे हम सबको प्रैक्टिस करना चाहिए।

धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून बनाने का समर्थन करते हुए कमलरुख ने कहा कि यह कानून राष्ट्रीय स्तर पर बनना चाहिए ताकि इंटर कास्ट शादी करने वाली महिलाओं का संघर्ष कम हो सके।

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