VIVO sponsorship for IPL 2020 Ended

चीनी कंपनी VIVO की IPL स्पॉन्सरशिप क्यों की गई खत्म?

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IPL 2020 के लिए चीनी कंपनी VIVO मोबाईल की स्पॉन्सरशिप डील को रद्द कर दिया गया है। यह डील 2018 में 5 वर्ष के लिए की गई थी, लेकिन देश में चीन विरोधी महौल और राष्ट्रवादी संगठनों द्वारा बनाए जा रहे दबाव को देखते हुए भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने चीनी कंपनी VIVO से प्रायोजक करार बीच में ही खत्म करने का फैसला लिया है।

आईपीएल 2020 को लेकर पहले से ही असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, हर वर्ष अप्रैल माह में आयोजित किया जाने वाला यह क्रिकेट टूर्नामेंट महामारी के चलते टाल दिया गया था। आईपीएल के 10 नवंबर को खेले जाने वाले फाईनल समेत कुल 53 मैच अब दुबई, आबु धाबी और शारजाह में खेले जाएंगे।

लद्दाख स्थित गलवान घाटी में भारतीय सेना के जवानों की चीनी सैनिकों से झड़प हो गई थी जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। तब से भारत में चीन का विरोध चरम पर है। भारत में चीनी सामानों का बहिष्कार किया जाने लगा है। भारत सरकार द्वारा भी करीब 59 चीनी मोबाईल एप पर प्रतिबंध लगा दिया गया साथ ही कई महत्तवपूर्ण टेंडर जो चीनी कंपनियों को दिये गए थे उन्हें भारत सरकार ने रद्द करने का फैसला लिया। चीन के साथ संबंधों में आई खटास के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड पर चीनी प्रायोजकों से डील खत्म करने का दबाव बनाया जाने लगा। बीसीसीआई ने जून में इसकी समीक्षा का आश्वासन दिया था। आपको बता दें कि वीवो के साथ ही Paytm, Swiggy, Dream 11, जैसी कंपनियां भी आईपीएल में स्पॉन्सर हैं। 5 साल की आईपीएल स्पॉन्सरशिप के लिए वीवो मोबाईल ने 300 मिलियन डॉलर की कीमत चुकाई थी, जिसे अब बीच में ही खत्म करने का फैसला लिया गया है।

आईपीएल यानी इंडियन प्रीमियर लीग दुनिया के सबसे महंगे स्पोर्टस टूर्नामेंट में से एक है। हर साल आयोजित किया जाने वाला यह क्रिकेट टूर्नामेंट पूरी दुनिया में आकर्षण का केंद्र बना रहता है। इस टूर्नामेंट में उद्योग घराने और बॉलिवुड हस्तियां करोड़ों खर्च कर खिलाड़ियों को खरीदती और बेचती हैं।

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