मुनि तरुण सागर के खिलाफ ट्वीट करने पर हाईकोर्ट ने लगाया विशाल डडलानी और पूनावाला पर 20 लाख का जुर्माना

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ग्राउंड रिपोर्ट । चंडीगढ़।

धार्मिक गुरुओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को कड़ा संदेश देते हुए हरियाणा, पंजाब हाईकोर्ट ने विशाल डडलानी और तहसीन पूनावाला पर 20 लाख का जुर्माना लगाया है। बॉलीवुड के मशहुर गायक विशाल डडलानी और राजनेता तहसीन पूनावाला ने जैन गुरु तरुण सागर पर अभद्र टिप्पणियां की थी।

हाईकोर्ट ने पाया की विशाल डडलानी और तहसीन पूनावाला ने पब्लिसिटी पाने के लिए इस तरह की अपमानजनक टिप्पणियां की।

पंजाब हाईकोर्ट के जज अरविंद सांगवान ने फैसला सुनाते हुए कहा कि “देश ने हाल ही में सोशल मीडिया पर फैलाई गई नफरत की वजह से कई हिंसक प्रदर्शन देखे हैं, जिनसे पब्लिक प्रॉपर्टी का काफी नुकसान हुआ है। जैन मुनि तरुण सागार ने पूरा जीवन अहिंसा, त्याग और तपस्या की शिक्षा दी। उनके क्षमाशील व्यवहार की वजह से देश में किसी तरह की हिंसक घटना नहीं हुई। वर्ना आए दिन धार्मिक भावनाएं भड़काने पर देश में हिंसक घटनाएं होती रहती हैं। इसलिए कोर्ट विशाल डडलानी और तहसीन पूनावाला पर 10-10 लाख का जुर्माना लगाता है। ताकि भविष्य में कोई किसी घार्मिक गुरु पर अभद्र टिप्पणी न कर सके। हालांकि कोर्ट ने डडलानी और पूनावाला के खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर को भी खारिज कर दिया ।

हाईकोर्ट ने विशाल डडलानी और तहसीन पूनावाला को 4 माह के भीतर 10-10 लाख रुपए जमा कराने का निर्देश दिया है।

मुनि तरुण सागर दिगंबर जैन धर्म के संत थे। उनकी मृत्यु पिछले साल सितंबर में हुई। तरुण सागर को राष्ट्रीय संत की उपाधि प्राप्त थी। विशाल डडलानी और तहसीन पूनावाला ने मुनि तरुण सागर को हरियाणा विधानसभा में प्रवचन के लिए आमंत्रित करने के हरियाणा सरकार के फैसले पर सवाल खड़ा किया था। जिसकी वजह से जैन धर्म के अनुयाईयों में काफी आक्रोश था। सोशल मीडिया के माध्यम से की गई यह टिप्पणियां काफी अपमानजनक थीं।

28 अगस्त 2016 को आईपीसी की धारा 295-A, 153-A और 509 ( धार्मिक भावनाएं भड़काने) आईटी एक्ट के तहत विशाल डडलानी और तहसीन पूनावाला के खिलाफ़ यह मामला हरियाणा के अंबाला छावनी पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।