वीर सावरकर कितने वीर? किताब पर विवाद

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ग्राउंड रिपोर्ट । न्यूज़ डेस्क

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय विषारद प्रशिक्षण शिविर में बांटी गई एक किताब पर विवाद खड़ा हो गया है। इस किताब में सावरकर और नाथूराम गोडसे के बीच समलैंगिक संबंध होने की बात कही गई है।  इसके अलावा भी दोनों के बारे में कई बातें है जिन पर विवाद होता दिख रहा है। बीजेपी ने इस किताब के कॉन्टेंट को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। वहीं कांग्रेस नेता इस किताब में लिखी बातों को सही बता रहे हैं। अब इस किताब में लिखे मैटर पर घमासन शुरू हो गया है।

अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय विषारद प्रशिक्षण शिविर में बांटी गई एक किताब में लिखें कुछ पहलू जिन पर घमासान मचा हुआ है।

  • ब्रह्मचर्य धारण करने से पहले नाथूराम गोडसे के एक ही शारीरिक संबंध का ब्यौरा मिलता है।
  • यह दो लोगों के समलैंगिक संबंध का ब्यौरा था।
  • उनका पार्टनर उनका राजनैतिक गुरु वीर सावरकर था।
  • ‘सावरकर अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार के लिए लोगों को उकसाते थे’

क्या लिखा है इस किताब में ?

इस किताब का नाम है ‘वीर सावरकर कितने वीर? किताब में लिखा कि सावरकर जब 12 साल के थे तब उन्होंने मस्जिद पर पत्थर फेंके थे। किताब में नाथूराम गोडसे और सावरकर के संबंधों को लेकर भी विवादित टिप्पणी की गई है। किताब के मुताबिक सावरकर अल्पसंख्यक महिलाओं से बलात्कार के लिए लोगों को उकसाते थे। ये भी लिखा है कि सावरकर ने जेल से बाहर आने के लिए अंग्रेज़ो से लिखित में माफी मांगी थी।

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लालजी देसाई ने इस विवाद पर कहा कि लेखक ने जो भी लिखा है सबूतों के आधार पर लिखा है। लेकिन ये हमारे लिए अहम नहीं है। आज हमारे देश में हर किसी के पास अपनी प्राथमिकताओं को तय करने का कानूनी अधिकार है।

सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल होता किताब का एक अंश

किताब के इस अंश में लिखा है-

यह सही है। सावरकर ने बलात्कार को एक न्यायसंगत राजनैतिक हथियार बताया था। अपनी पुस्तक सिक्स ग्लोरियस एपोक्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री में जानवरों की व्यावहारिक प्रवृत्ति को जोड़ते हुए सावरकर ने व्याख्या की कि कैसे हर जानवर अपने अस्तित्व को बनाए रखने के लिए अपनी आबादी बढ़ाना चाहता है। यहां तक कि रावण और सीता के बारे में वे कहते हैं, कि शत्रु की महिला को अगवा करने और उससे बलात्कार करने को तुम अधर्म कहते हो? ये तो परोधर्म है। महानतम कतर्व्य। उनके अनुसार हिन्दुओं के विरुद्ध मुस्लिम महिलाएं इसलिए भाग लेती हैं क्योंकि उन्हें हिन्दू पुरुषों से इसके लिए बदला लिए जाने का डर नहीं होता है। जो कि इस विकृत सोच से ग्रस्त हैं कि महिलाओं को शिष्टाचार और सम्मान देना चाहिए।

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इस पुरे वाकये के बाद सूबे में विपक्ष में काबिज बीजेपी पूरी तरह आक्रामक हो गई है। राज्य के प्रदेश उपाध्यक्ष रामेश्वर शर्मा ने कहा है कि ‘महिलाओं को तंदूर में जलाने वाली कांग्रेस से और उम्मीद भी क्या की जा सकती है’।