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Uttrakhand: उत्‍तराखंड में दो से अधिक संतान होने के कारण नगर पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी गई

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Uttarakhand: दो से अधिक संतान होने के मामले में ऊधमसिंहनगर जिले के नगर पंचायत केलाखेड़ा के अध्यक्ष पद पर चुने गए हामिद अली की कुर्सी चली गई इस मामले को लेकर केलाखेड़ा में सियासी चर्चा तेज हो गई है । उत्तराखंड (Uttrakhand) नगर पंचायत केलाखेड़ा के अध्यक्ष पद पर हामिद अली के साथ अकरम खां भी चुनाव लड़े थे अकरम खां ने नामांकन के दौरान आपत्ति जताई थी कि हामिद अली के तीन बच्चे हैं, तीनों अप्रैल, 2003 के बाद जन्मे हैं जबकि नियम के तहत अप्रैल, 2003 के बाद दो से अधिक संतान होने पर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है इसके बाद भी हामिद अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़कर जीत गए इसके खिलाफ अकरम ने प्रथम अपर जिला न्यायाधीश रुद्रपुर यूएस नगर की अदालत में याचिका दायर की अदालत ने सुनवाई करते हुए 22 जुलाई को हामिद अली को अध्यक्ष पद अयोग्य घोषित करते हुए नगर पंचायत केलाखेड़ा के अध्यक्ष पद को रिक्त घोषित कर दिया था इसके बाद जिला प्रशासन ने इस मामले को शासन से अवगत कराया।

दो बच्चों पर मिलेगी राहत दो से अधिक बच्चों पर होगी आफत, जाने क्यों

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (UP Yogi Adityanath Government) ने यूपी जनसंख्या विधेयक 2021 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और इसको वेबसाइट पर अपलोड कर जनता से 19 जुलाई तक राय मांगी है इस ड्राफ्ट में उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानूनी उपायों के रास्ते सुझाए गए हैं, जिसके तहत दो या कम बच्चे वाले अभिभावकों को तमाम सुविधाएं दी जाएंगी, जबकि दो से अधिक बच्चे वाले अभिभावकों को कई सुविधाओं से वंचित होना पडे़गा उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्व जनसंख्या दिवस यानी 11 जुलाई को अपनी नई जनसंख्या नीति 2021-30 जारी कर देगी उत्तर प्रदेश की नई जनसंख्या नीति में उन लोगों को प्रोत्साहन प्रदान करने पर ध्यान केंद्गित करने की संभावना है जो जनसंख्या नियंत्रण में सरकार की मदद करेंगे।

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असम: दो बच्चे से अधिक हैं तो नहीं मिलेगी सरकारी जॉब

यूपी जनसंख्या (नियंत्रण, स्थिरीकरण और कल्याण) विधेयक, 2021′ के मसौदे के मुताबिक, दो बच्चे के नियम का उल्लंघन करने वाले को सरकार द्वारा प्रायोजित सभी कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा और कोई सुविधा नही मिलेगी न ये लोग किसी और स्कीम का फायदा उठा सकेंगे इसके अलावा जिनके पास केवल एक बच्चा है और वो अपने मन से नसबंदी करवाते हैं तो उन्हें अतिरिक्त फायदा दिया जाएगा और ये व्यक्ति हर किस्म का फायदा उठा सकता है खास तौर पर सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे लेकिन सरकार के इस फैसले से देश भर के आधे से ज्यादा लोगो को दिक्कत होगी जिससे उन सभी को मुसीबत का सामना करना पड़ेगा।

इन लोगों पर नहीं होगा लागू, बनेगा फंड

ये कानून उन लोगों पर भी लागू नहीं होगा जो एक शादी से दो बच्चों के गर्भ धारण करने के बाद तीसरे बच्चे को गोद लेते हैं, या जिनके दो बच्चों में से एक विकलांग है और उनका तीसरा बच्चा है यदि एक या दोनों बच्चों की मृत्यु हो जाती है, तो तीसरे बच्चे को गर्भ धारण करने वाले जोड़े को कानून का उल्लंघन नहीं माना जाएगा संशोधित राज्य जनसंख्या नीति को लागू करने और राज्य भर में गर्भावस्था, प्रसव, जन्म और मृत्यु का अनिवार्य पंजीकरण सुनिश्चित करने के लिए एक राज्य जनसंख्या कोष बनाया जाएगा जिसमे सरकार राज्य के सभी माध्यमिक विद्यालयों में जनसंख्या नियंत्रण से संबंधित एक अनिवार्य विषय भी लागू करेगी।

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