chamoli glacier burst

Uttrakhand Live: ‘नदी का जलस्तर सामान्य से अब 1 मीटर ऊपर, लेकिन बहाव हुआ कम’

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(Uttrakhand Disaster) सुबह 10 बजे के करीब चमोली (Chamoli) जिले के रेणी गांव के पास ग्लेशियर टूट गया इसके चलते अलकनंदा और धौली गंगा उफान पर है। अचानक ग्लेशियर टूटने से चमोली में स्थित ऋषि गंगा हाईड्रो प्रोजेक्ट (Rishi Ganga Hydro Project) भी ध्वस्त हो गया। इसके चलते नदी का जलस्तर बढ़ गया है। अभी-अभी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत (Trivendra singh rawat) ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि नंदप्रयाग से आगे अलकनंदा नदी का बहाव सामान्य हो गया है। नदी का जलस्तर सामान्य से अब 1 मीटर ऊपर है लेकिन बहाव कम होता जा रहा है। राज्य के मुख्य सचिव, आपदा सचिव, पुलिस अधिकारी एवं मेरी समस्त टीम आपदा कंट्रोल रूम में स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है।

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सरकार की ओर से जारी की गई अब तक की जानकारी-

यह प्राकृतिक आपदा सुबह 10 बजकर 45 मिनट पर उत्तराखंड (Uttrakhand Disaster) के चमोली जिले के रैनी गांव में ग्लेशियर फटने की वजह से आई। सरकार की ओर से आपदा से निबटने के लिए तुरंत दिशानिर्देश जारी कर दिए गए। राज्य का डिज़ास्टर रिस्पॉन्स मैकेनिज़्म सक्रीय कर दिया गया है।

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अचानक ऋषि गंगा और अलकनंदा में बड़े जलस्तर को काबू करने के लिए टिहरी बांध का जल बहाव रोक दिया गया है। सभी निचले इलाकों में बसे गांवों को खाली कराया जा रहा है खासकर नदी किनारे बसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है।

श्रीनगर बांध का बहाव बढ़ाया गया है ताकि नदी में अचानक आई बाढ़ को संतुलित किया जा सके।

ताज़ा हालातों को देखें तो सरकार के अनुसार कहीं बाढ़ जैसे हालात नहीं है। नदियों का जलस्तर सामान्य से 1 मीटर ऊपर है लेकिन बहाव ज्यादा नहीं है। अलकनंदा के आसपास बसे गांवों से अभी तक किसी के जान की हानि की खबर नहीं मिली है।

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गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि NDRF की कुछ और टीमें दिल्ली से Airlift करके उत्तराखंड भेजी जा रही हैं। हम वहाँ की स्थिति को निरंतर मॉनिटर कर रहे हैं।

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