Uttar Pradesh Police has tasked to identify owner as buffalo

भैंस पर छोड़ा मालिक को पहचानने का जिम्मा, पुलिस ने ‘रामराज्य’ में सुनाया ये अजीबोगरीब फैसला

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) के ‘रामराज्य’ (Ram Rajya) अगर पुलिस (UP Police) कोई अजीबोंगरीब फैसाल सुना दे तो ज्यादा परेशान होने की बात नहीं। बीते दिनों हाथरस गैंगरेप मामले में जो पुलिस ने किया वो सबके सामने हैं। लेकिन अब जो उत्तर प्रदेश पुलिस ने किया है उसे सुनकर चौंक जाएंगे। दरअसल पुलिस ने भैंस (Buffalo) पर ही अपने मालिक को पहचानने का फैसला छोड़ दिया है। अगर भैंस ने अपने मालिक को पहचान लिया तो भैंस उसकी नहीं तो चोरी करने वाले आरोपी की।

दरअसल ये मामला उत्तर प्रदेश के कन्नौज का है जहां कन्नौज पुलिस ने चोरी की बरामद भैंस (Buffalo) को उसके असली मालिक तक जाने के लिए भैंस के ऊपर ही फैसला छोड़ दिया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना था कि यदि भैंस अपने मालिक को पहचान कर उसके पास चली जाती है तो समझों भैंस उसी आदमी की है। घटना कन्नौज जिले के तिर्वा कोतवाली(Tirwa kotwali) क्षेत्र की है। यहां के अलीनगर निवासी धर्मेंद्र की भैंस 3 दिन पहले चोरी हो गई थी। वहीं, 3 दिन पहले ही तालग्राम के वीरेंद्र की भैंस भी चोरी हुई थी। तीनों ने पुलिस में भैंस चोरी होने का मामला दर्ज कराया था। इसी बीच पुलिस ने जाल बिछाकर चोरी की भैंस को बरामद कर लिया। इसके बाद अलीनगर निवासी धर्मेंद्र और तालग्राम के वीरेंद्र को भैंस के बरामदगी के बारे में जानकारी दी गई।

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक भैंस को लेने के लिए दो-दो मालिक थाने पहुंच गए। इसके बाद दोनों ने भैंस के ऊपर अपना दावा ठोक दिया। ऐसे में पुलिस फैसला करने में असमर्थ हो गई, क्योंकि एक भैंस पर दो लोग अपना दावा ठोक रहे थे। तभी पुलिस ने एक ऐसा निर्णय लिया, जिसने सभी को चौंका दिया। पुलिस ने भैंस को दोनों दावेदारों के बीच में छोड़ दिया। फिर क्या था, भैंस अपने असली मालिक को पहचानते हुए उसके पीछे चल दी। अब एसएसआई के इस सूझबूझ भरे निर्णय की जमकर प्रशंसा हो रही है। भैंस का दूसरा दावेदार भी इस फैसले से सहमत हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसएसआई विजयकांत मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले एक भैंस चोरी होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। लेकिन भैंस की बरामदगी के बाद दोनों पक्ष इसके ऊपर अपना दावा ठोक रहे थे। फिर मैंने फैसला भैंस के ऊपर ही डाल दिया जिसकी भैंस होगी उसके साथ चली जाएगी। मामला निपट गया। जिसकी भैंस थी उसके साथ वह चली गई। वहीं, दूसरा पक्ष संतुष्ट हो गया कि भैंस उसी की है।

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