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Labor Law: श्रम कानून में संशोधन कर योगी सरकार ने काटी मजदूरों की ‘ज़ुबान’

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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की योगी सरकार ने श्रम (Labor Law) कानून को रद्द करने की भरसक कोशिश कर रही है। हाई कोर्ट में जवाब देने से बचने के लिए योगी सरकार ने श्रम कानून (Labor Law) पर संशोधन विधेयक पास किया है। इसे योगी सरकार का नया पैंतरा माना जा रहा है। शनिवार को विधानसभा और विधान परिषद में बिना वोटिंग किए ही श्रमिक कानून (Labor Law) संबंधी कई कानूनों में संशोधन विधेयक पास कर दिए गए। संशोधन विधेयकों के खिलाफ शनिवार को ही वर्कर्स फ्रंट ने प्रदेश की कई जगहों पर सांकेतिक प्रदर्शन कर सरकार को चुनौती देने का ऐलान किया।

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इस मामले में वर्कर्स फ्रंट के अध्यक्ष दिनकर कपूर ने बताया कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश विधानसभा व विधान परिषद में बिना वोटिंग कराए हुए ही उत्तर प्रदेश औद्योगिक विवाद संशोधन विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश कारखाना अधिनियम संशोधन विधेयक 2020, उत्तर प्रदेश कतिपय श्रम विधियों में अस्थाई छूट संशोधन विधेयक 2020 और लोक संपत्ति व निजी संपत्ति विधेयक 2020 को पास किया है, जो सीधे तौर पर श्रमिक विरोधी और कॉर्पोरेट सेवा की शर्मनाक मिसाल है।

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वर्कर्स यूनिटी नाम की एक वेबसाइट से बातचीत में उन्होंने बताया कि इसकी सुगबुगाहट थी, जिसके चलते वर्कर्स फ्रंट ने विरोध का फैसला पहले ही ले लिया था। विधेयक पास होने के बाद प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र सोनभद्र जनपद में अनपरा व ओबरा तापीय परियोजना, हिंडालको, रेणुकूट, आगरा, मऊ, बाराबंकी फिरोजाबाद, लखनऊ समेत प्रदेश के विभिन्न जनपदों व औद्योगिक प्रतिष्ठानों में विरोध प्रदर्शन किए गए। दिनकर कपूर ने योगी सरकार पर कारपोरेट हित में काम करने का आरोप लगाया।

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उन्होंने कहा कि सरकार ने श्रम कानूनों में जो संशोधन किया है उससे औद्योगिक विकास दुरुस्त होने की जगह अशांति को बढ़ावा देगा। सरकार ने औद्योगिक विवाद अधिनियम 1948 की सेक्शन 6 को ही रद कर दिया, जो कि श्रम विभाग की अहमियत को समाप्त करना है।

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इस वजह से अब विवाद होने पर श्रम विभाग मजदूरों और उद्यमियों के लिए मामला सुलझाने को वार्ता का नोटिस भी नहीं दे सकेगा। योगी सरकार ने श्रम कानूनों को खत्म करने की गैरकानूनी कोशिश इससे पहले भी की थी। हाईकोर्ट में हारने के बाद विधायकों का सहारा लिया है। इस मामले को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। सरकार इस तरह मनमानी नहीं करती, उन्होंने कहा।

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वर्कर्स फ्रंट की ओर से हुए विरोध प्रदर्शनों का नेतृत्व सोनभद्र में कृपाशंकर पनिका, ठेका मजदूर यूनियन के मंत्री तेजधारी गुप्ता, तीरथ राज यादव, पूर्व सभासद नौशाद, पूर्व सभासद मारी, आगरा में इंजीनियर दुर्गा प्रसाद लखनऊ में मोहम्मद कय्यूम, नेवाजी, बाराबंकी में यादवेंद्र प्रताप सिंह और मऊ में बुनकर वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष इकबाल अंसारी ने किया।

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