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Kamlesh Tiwari Murder Case : मां ने लगाया BJP नेता शिव कुमार गुप्ता पर आरोप, DGP के खुलासे में गुजरात से जुड़े हत्या के तार

Maharashtra: In Jalgaon, four innocent child same family were brutally murdered with an axDalit lawyer killed over ‘anti-Brahmin posts’ on social media
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हिंदू समाज पार्टी (Hindu Samaj Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड (Kamlesh Tiwari Murder Case) में यूपी पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है. पुलिस (Uttar Pradesh Police) ने घटना में शामिल तीन लोगों को गुजरात (Gujarat) के सूरत (Surat) से गिरफ्तार किया है. वहीं, बिजनौर से षड्यंत्र में शामिल मौलाना अनवारुल हक और मौलाना नईम कासनी को हिरासत में लिया गया है.

DGP OP Singh ने किए अहम खुलासे –
यूपी डीजीपी ओम प्रकाश सिंह (Uttar Pradesh DGP OP SINGH) ने बताया कि घटनास्थल से जांच के दौरान मिले मिठाई के डिब्बे से अहम सुराग मिले और गुजरात पुलिस की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि कमलेश तिवारी के परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बिजनौर निवासी अनवारूल हक और नईम काजमी के नाम हैं और उन्हें भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.

तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है –
डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि कमलेश तिवारी की हत्या के षडयंत्र के मामले में गुजरात से मौलाना शेख सलीम, फैजान और राशिद पठान को हिरासत में लिया गया है. सभी युवा हैं. फैजान ने ही सूरत में दुकान से मिठाई खरीदी थी. 21 वर्षीय फैजान कम्प्यूटर का जानकार है और वहां पर जूता की दुकान में काम करता है. मौलाना मोहसिन शेख की उम्र 24 वर्ष है वह सूरत में ही दर्जी की दुकान में काम करता है. 23 वर्षीय रशीद अहमद खुर्सीद अहमद दर्जी का काम करता है.

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2015 का विवादित बयान बना हत्या की वजह –
डीजीपी ने प्रारंभिक जांच के आधार पर बताया कि 2015 के बयान के कारण इस घटनाक्रम को अंजाम दिया गया है. इसके साथ ही इसमें किसी आतंकी संगठन की संलिप्तता के कोई सबूत अभी तक नहीं मिले हैं.  उन्होंने बताया कि अपराधी खास कपड़े पहनकर आए थे. हत्याकांड के तार गुजरात से जुड़े हैं. सूरत के मौलाना मोसिन सलीम शेख, फैजान जिलानी और रशीद को गिरफ्तार किया है. रशीद को कंप्यूटर का ज्ञान है और दर्जी का काम करता है. डीजीपी ने बताया कि कुछ और लोगों को हिरासत लिया गया था, लेकिन पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया.

शुरूआती जांच में तीन लोंग हत्या में शामिल –
डीजीपी ने साफ कहा कि प्रारंभिक विवेचना से स्पष्ट है कि तीनों इस हत्याकांड में शामिल रहे हैं. इसके साथ ही मुख्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी की तैयारी कर रहे हैं. एडीजी लखनऊ जोन से और टीम को सूरत भेज सकते हैं और जरूरत पड़ने पर उन्हें लखनऊ लाकर पूछताछ करेंगे. डीजीपी ने बताया कि 2015 में कमलेश ने कुछ आपत्तिजनक बात कही थी जिसके बाद मौलाना ने रशीद को उकसाया. फैजान मिठाई खरीदने में शामिल रहा, उससे पूछताछ कर रहे हैं.

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अंतिम संस्कार न करने की जिद पर अड़ा परिवार, Yogi को बुलाने की मांग –
कमलेश तिवारी का घर जिले स्थित महमूदाबाद कस्बे में है. इस वजह से अंत्येष्टि के लिए शव महमूदाबाद ले जाया गया. जिसके चलते महमूदाबाद कस्बे में सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है. वहीं, घर पहुंचने के बाद कमलेश के परिवार जन ने शव को जबरदस्ती महमूदाबाद भेजने का आरोप लगाया. परिवार जन अंतिम संस्कार करने से भी इन्कार कर रहे हैं. वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को बुलाने की मांग पर अड़े हैं. यही नहीं, इस घटना में सीतापुर के महमूदाबाद के निवासी भाजपा नेता शिव कुमार गुप्ता पर भी हत्या का आरोप परिवार जन ने लगाया है. इसके पीछे जमीनी रंजिश बताई गई है.