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दलित छात्रा को पेट्रोल से जिंदा जलाया, सरकार के मौन और न्याय के लिए ‘हल्ला बोल’

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आगरा/नई दिल्ली, 22 दिसंबर। उत्तर प्रदेश के आगरा में यूं तो दुनिया का सातवां अजूबा है लेकिन इस शहर में हुई एक रूह कंपा देने वाली घटना के चलते आगरा सुर्खियों में हैं। बीते दिनों शहर के कुछ दबंगों ने एक दलित छात्रा संजलि जाटव की पहले बेरहमी से पिटाई की फिर उस पर पेट्रोल छिड़कर आग के हवाले कर दिया।

इस रूह कंपा देने वाली घटना के बाद छात्रा ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं उसके चचेरे भाई ने कथित तौर पर जहर खाकर खुद खुशी कर ली। मामला इतना संवेदनशील होने के बावजूद भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ मौन हैं। पीड़ित परिवार प्रशासन से इंसाफ की गुहार लगा रहा है। वहीं कानून के हाथ लंबे होने के बावजूद भी अब तक खाली नजर आ रहे हैं।

पुलिस प्रशासन की सुस्ती पर महिला आयोग की नाराज
घटना के बाद पुलिस के सुस्त रवैये पर राज्य महिला आयोग ने तीखी नाराजगी जताई और महिला आयोग की सदस्य निर्मला दीक्षित पीड़ित परिवार से मिली। निर्मला दीक्षित ने घटना को बेहद दर्दनाक और संवेदनशील बताते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया। 

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जिद पर अड़े ग्रामीण
छात्रा संजलि का शव गुरुवार शाम पांच बजे जब आगरा स्थित उसके गांव लालऊ पहुंचा तो कोहराम मच गया। महिलाएं बिलख बिलखकर रोने लगीं। चारों और मातम पसर गया हर एक शख्स नम था और आंखों में गुस्सा। जब पुलिस ने पूछा कि दाह संस्कार कब किया जाएगा? गुस्साए ग्रामिणों ने एक स्वर में कहा जब तक कातिल पकड़े नहीं जाएंगे दाह संस्कार नहीं होगा। संजलि के परिजनों ने दो मांगे रखीं। पहली परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और दूसरी एक करोड़ रुपये मुआवजा।

चार दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तर से बाहर
छात्रा का शव देर रात तक घर आंगन में ही रखा रहा। इतनी बड़ी घटना का चार दिन गुजर जाने के बाद भी खुलासा न होना शर्मनाक है। वहीं इस घटना पर दुख जताते हुऐ समाजसेवी लोकेश अकेला ने कहा कि ये बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की हकीकत है। ऐसे शासन की हमें जरुरत नहीं है जो अपनी बेटी की रक्षा नहीं कर सकता। ऐसा प्रसाशन और सरकार किसी काम की नहीं है समाज को आगे आकर बेटी के लिये आवाज बुलंद करनी होगी।

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आधारशीला का SDM को ज्ञापन, योगी से अपील
वहीं अब कई समाजसेवी संस्थाएं पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सामने आ रहे हैं। हापुड़ में आधारशीला सोशल डेवलप्मेंट सोसायटी ने मुख्यमंत्री से छात्रा संजलि के गुनाहगारों को फांसी की सजा दिए जाने की अपील करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। आधारशीला के अध्यक्ष विकास दयाल मांग की है कि पीड़िता के परिवार को सरकारी नौकरी और सरकार कम से कम 50 लाख रुपये मआवजा दे।

दिल्ली में यूपी भवन के बाहर ‘हल्ला बोल’
वहीं उत्तर प्रदेश के तमाम शहरों के आलावा राजधानी दिल्ली में भी कई संगठन पीड़ित छात्रा को न्याय दिलाने के लिए सरकार के खिलाफ ‘हल्ला बोल’ करने की तैयारी कर चुके हैं। शनिवार, 22 दिसंबर यानी आज आक्रोशित लोग दिल्ली स्थित यूपी भवन पर कैंडल मार्च और विशाल प्रदर्शन करेंगे।

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क्या है पूरा मामला
बीते मंगलवार 18 दिसंबर को उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के मलपुरा क्षेत्र के गांव लालऊ में दोपहर बाइक सवार दो युवकों ने कक्षा दसवीं में पढ़ने वाली दलित छात्रा संजिल जाटव पर पहले पेट्रोल डाला फिर लाइटर से उसे आग के हवाले कर दिया। करीब 80 फीसदी जल चुकी छात्रा को आनन-फानन में इलाज के लिए पहले जिला फिर दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

स्कूल से घर लौट रही थी छात्रा
घटना को दोपहर करीब 1:30 बजे अंजाम दिया गया। छात्रा इस वक्त साइकिल से स्कूल से अपने घर लौट रही थी। घटना के दौरान जिसने भी संजलि की चीख सुनी उसके होश उड़ गए। रास्ते से गुजर रही एक बस के कंडक्टर ने फायर एक्सटिंग्यूशर ने आग को बुझाने की कोशिश की। इलाज के दौरान छात्रा ने करीब 2 बजे रात में दम तोड़ दिया।