Hyderabad: MIM activist arrested in minor Dalit girl rape case

उत्तर प्रदेश: दलित नाबालिग के साथ सामुहिक दुष्कर्म के मामले को रफा-दफा करने के लिए पुलिस पर दबाव!

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Ground Report News Desk | Lucknow

उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है। घटना बीते बुधवार की है जहां दो सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने योगी के सुशासन और उनकी कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। एक घटना गहमर थाना क्षेत्र की है जहां एक गांव में नाबालिग को अगवाकर दुष्कर्म किया गया और दूसरी घटना जमनिया कोतवाली की एक जहां गांव में घर में घुसकर नाबालिग के साथ सामुहिक दुष्कर्म किया।   

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गहमर थाना क्षेत्र के एक गांव में घर में सो रही एक एक दलित लड़की को कुछ युवकों ने बुधवार को अग़वा कर लिया। आरोपित उसे बगल के खाली पड़े एक मकान में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। किशोरी के शोर मचाने पर आस-पास के लोगों की नींद खुल गई। थोड़ी ही देर में सैकड़ों लोगों ने मकान को घेर लिया। खुद को घिरा देख दरिंदे रात के अंधेरे में छत के रास्ते फरार हो गए।

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दो आरोपियों के पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ लिएा। ग्रामीणों द्वारा पकड़े गए दोनो आरोपियों एवं पीड़ित किशोरी को थाने ले गयी। गिरफ़्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर फ़रार तीनों आरोपियों को भी पुलिस दबिश दे कर गिरफ़्तार कर लिया है। गिरफ़्तार आरोपियों के नाम प्रकाश पांडेय,सोनू राय,सोनू यादव,शिवंशु पांडेय एवं सत्येंद्र चौहान हैं।

पुलिस अधीक्षक डॉक्टर ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि ग़ाज़ीपुर जनपद के गहमर थाना क्षेत्र में आने वाले बारा गाँव में हुई इस घटना की जानकारी उन्हें 112 के माध्यम से प्राप्त हुई थी। पुलिस ने पीड़ित दलित लड़की और उसके परिवार वालों का बयान दर्ज किया है। पीड़िता और उसके परिवार वालों के द्वारा दी गयी तहरीर के अनुसार इन पाँच आरोपियों के साथ साथ कुछ संदिग़धों को भी हिरासत में लेकर पुछताछ शुरू कर रही है।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे चौंकाने वाली बात ये भी सामने आई है की आरोपियों में से एक आरोपी किसी जज का भतीजा भी बताया जा रहा है जिसकी वजह से पीड़ित लड़की के पिता को एफआईआर ना करने की भी धमकी दी जा रही है और मामले को रफा दफा करने के लिए पुलिस पर भारी दबाव बनाया जा रहा है।