US election result : अमेरिका में वोट से ज़्यादा क़ीमती है इलेक्टोरल कॉलेज, समझिए इसका सारा गणित

US election result : दुनियाभर की निगाह इस वक्त अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव पर लगी हुई हैं। अमेरिका में मंगलवार, 3 नंबर की रात वोटिंग शुरू होगी। भारत में भी अमेरिकी चुनाव को लेकर काफी चर्चा बनी हुई है। रिपब्लिकन पार्टी के डोनाल्ड ट्रम्प और डेमोक्रेट पार्टी के जो बाइडेन मैदान में हैं। ट्रम्प जीतेंगे या बाइडेन बाजी मारेंगे? यह कुछ समय बाद पता लग जाएगा। आइये आपको अमेरिकी चुनाव से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों से अवगत कराते हैं।

अमेरिका के इतिहास का सबसे विभाजनकारी चुनाव, नतीजों के बाद हिंसा का डर

इलेक्टोरल कॉलेज

कुछ लोग अब इलेक्टोरल वोट गलत भी ठहराने लगे हैं। इस पर काफी बहस होती है। पॉपुलर वोट के जरिए 50 राज्यों में 538 इलेक्टर्स चुने जाते हैं। इनसे इलेक्टोरल कॉलेज बनता है। हर राज्य से दोनों सदनों के लिए जितने सांसद चुने जाते हैं, उतने ही उसके इलेक्टर्स होंगे। कैलिफोर्निया में 55 तो व्योमिंग में सिर्फ 3 इलेक्टर्स हैं। राष्ट्रपति बनने के लिए 270 इलेक्टरल कॉलेज वोट चाहिए। जिस राज्य की जितनी ज्यादा आबादी, उसके उतने ज्यादा इलेक्टोरल वोट। 2016 में ट्रम्प को 306 इलेक्टर्स का समर्थन मिला। हिलेरी के लिए आंकड़ा 232 पर सिमट गया। वे चुनाव हार गईं। अमेरिका में मतदाता पहले इलेक्टर्स चुनते हैं। इनसे इलेक्टोरल कॉलेज बनता है। ये इलेक्टोरल कॉलेज राष्ट्रपति चुनता है।

Also Read:  How to delete your Twitter account?

पॉपुलर वोट

सवाल ये कि फिर पॉपुलर वोट क्या होता है? दरअसल, जनता यानी मतदाता अपना प्रतिनिधि इलेक्टर चुनते हैं। फिर ये इलेक्टर राष्ट्रपति चुनता है। अब ये जरूरी नहीं कि जनता जिसे इलेक्टर चुन रही है, वो उसके पसंद के कैंडिडेट यानी राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को ही वोट दे। मसलन, 2016 में ट्रम्प को 62,984,825 (46.4% वोट्स) और हिलेरी को 65,853,516 (48.5% वोट्स) मिले।

US election result : क्या अमेरिका में चुनाव बाद संवैधानिक संकट खड़ा होने वाला है?

You can connect with Ground Report on FacebookTwitter and Whatsapp, and mail us at GReport2018@gmail.com to send us your suggestions and writeups