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UPSC 2019 के नतीजे: इस बार सिर्फ एक मुसलमान ही बन पाएगा आईएएस

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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2019) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा में प्रदीप सिंह ने टॉप किया है। दूसरे स्थान पर जतिन किशोर और तीसरे स्थान पर प्रतिभा वर्मा रही हैं। इस बार कुल 829 उम्मीदवारों का चयन किया गया है।

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वहीं इस वर्ष का संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2019) सिविल सेवा परीक्षा 2019 का फाइनल परिणाम अल्पसंख्यक युवाओं के लिए गहरी निराशा का सबस बना।सिविल सर्विस 2019 के फाइनल रिज़ल्ट के मुताबिक इस इस बार सिर्फ एक मुसलमान आईएएस बन सकेगा।

UPSC 2019 का परिणाम एक चुनौती

हालांकि कुल चयनित 829 में से 43 मुसलमान चयनित हुए हैं मगर बेहतर रैंक के अभाव में ऐसा नही हो पायेगा। इस परिणाम के बाद अल्पसंख्य युवा निराश हुए हैं। पूरे अल्पसंख्यक समुदाय के लिए ये एक बड़ा झटका है।

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बड़ी अजीब बात ये रही कि इस सूची में टॉप 20 में एक भी मुसलमान नही शामिल हुआ है। इससे भी ज्यादा निराशाजनक यह है कि टॉप 100 में सिर्फ एक मुसलमान है। एक और निराशाजनक बात यह है कि उत्तर भारत से भी मुस्लिम  युवाओं का प्रतिनिधित्व बेहद कम हो गया है। चयनित युवाओं में आधे से अधिक दक्षिण भारत के है।

2018 में 41 मुस्लिम बच्चों का हुआ था चयन

यह परिणाम 2018 और 2017 की तुलना में बेहद निराशाजनक है। 2018 में जुनैद आल इंडिया तीसरे स्थान पर रहे थे। परिणाम -2017 में साद मियां खान 25 वी रेंक पर आएं थे। उस समय 52 मुस्लिम युवकों ने कामयाबी हासिल की थी। हालांकि परिणाम-2018 में 41 मुस्लिम बच्चों का चयन हुआ था।

मगर इस बार रैंक में भारी गिरावट आई है। अब यह परिणाम 2019 यह मेंस का परिणाम है। इसके बाद इंटरवियू भी होता है मगर कोरोना काल के चलते यूपीएससी के कुछ इंटरवियू स्थगित कर दिए गए थे।

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देश की सबसे बड़ी अल्पसंख्यक बिरादरी मुस्लिमो की और से इस बार एक लड़की सफ़ना नजरुदीन ने टॉप किया है,इनकी 45 वी रैंक है। सिर्फ यह ही आईएएस बनने की योग्यता पार कर सकती है। इस बार टॉप करने वाली केरल के त्रिवनेंद्रम की सफ़ना नजरुदीन की कामयाबी लड़कियों के लिए बेहद अच्छी ख़बर है।

चुने गए उम्मीदवारों में 304 उम्मीदवार जनरल कैटेगरी, 78 उम्मीदवार ईडब्ल्यूएस, 251 उम्मीदवार ओबीसी, 129 एससी और 67 उम्मीदवार एसटी कैटेगरी के शामिल हैं।

तीन चरणों में यूपीएससी की परीक्षा में किया जाता है चयन

हर साल लाखों की संख्या में आईएएस और आईपीएस बनने के लिए उम्मीदवार परीक्षाएं देते हैं।यूपीएससी ने 182 उम्मीदवारों को रिजर्व लिस्ट में रखा है। इनमें 91 जनरल, 9 ईडब्ल्यूएस, 71 ओबीसी, 8 एससी, 3 एसटी कैटेगरी के हैं।

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तीन चरणों में यूपीएससी की परीक्षा में चयन किया जाता है, इसमें पहले प्रारंभिक, फिर मुख्य और आखिरी में साक्षात्कार कर उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। यूपीएससी की परीक्षा में पास होने पर उम्मीदवारों का भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) समेत कई सेवाओं मे चयन किया जाता है।