UP police is implicating innocent people by abusing cow slaughter law

उत्तर प्रदेश : बेगुनाह लोगों को गोहत्या क़ानून का दुरुपयोग कर फंसा रही यूपी पुलिस !

Sharing is Important
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के गोहत्या क़ानून का निर्दोष लोगों के खिलाफ दुरुपयोग करने और इस तरह के मामलों में पुलिस द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों की विश्वनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस कानून का दुरुपयोग राज्य में निर्दोष लोगों के खिलाफ किया जा रहा है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि आवारा मवेशियों की सुरक्षा के लिए गोहत्या कानून को राज्य में सही भावना के साथ लागू करने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश उपचुनाव : इन 7 सीटों पर 3 नवंबर को होगा मतदान

गोहत्या क़ानून के तहत अगस्त से जेल में बंद एक आरोपी को जमानत देते हुए जस्टिस सिद्धार्थ ने गोहत्या निषेध कानून के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए रहमू और रहमुद्दीन नाम के दो व्यक्तियों को जमानत दे दी। इन दोनों पर  कथित तौर पर गोहत्या में शामिल होने की बात कही गई थी।

ALSO READ:  UP : शिकायत करने थाने पहुंची थी लड़की, इंस्पेक्टर बोला पहले डांस करके दिखाओ

याचिकाकर्ता का कहना था कि प्राथमिकी में उनके खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं हैं और उन्हें घटनास्थल से गिरफ्तार नहीं किया गया। इसके अलावा, बरामद किया गया मांस गाय का था या नहीं, इसकी पुलिस द्वारा जांच भी नहीं की गई।

शिवराज सरकार के कार्यकाल में हुए 3 बड़े घोटाले, मुख्यमंत्री पर भी लगे थे गंभीर आरोप

संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस सिद्धार्थ ने कहा, ‘निर्दोष लोगों के खिलाफ इस कानून का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। जब भी कोई मांस बरामद होता है तो फॉरेंसिक लैब में जांच कराए बिना उसे गोमांस करार दे दिया जाता है।’

ALSO READ:  Delhi-NCR में छिपा हो सकता है Vikas Dubey, UP Police से बचने के लिए बनाया ये मास्टर प्लान

उत्तर प्रदेश सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में इस साल अगस्त 2019 तक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किए गए 139 में से 76 यानी आधे से अधिक लोगों पर गोहत्या के आरोप लगे हैं।

Whatsapp नहीं रहेगा फ्री अब चुकाने होंगे पैसे, कंपनी ने की घोषणा

एनएसए के अलावा इस साल 26 अगस्त तक यूपी गोहत्या संरक्षण कानून के तहत 1,716 मामले दर्ज किए गए हैं और 4,000 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आंकड़ों से पता चलता है आरोपियों के खिलाफ सबूत इकट्ठा करने में असफल रहने पर पुलिस ने 32 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की ।

ALSO READ:  Everything you need to know about journalist Prashant Kanojia

Ground Report के साथ फेसबुकट्विटर और वॉट्सएप के माध्यम से जुड़ सकते हैं और अपनी राय हमें Greport2018@Gmail.Com पर मेल कर सकते हैं।