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CM Yogi से बहस करने वाले पूर्व डीएम के खिलाफ चल रहा मामला निरस्त

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Ground Report | News Desk | CM Yogi उत्तर प्रदेश सरकार ने आईएएस अधिकारी बीएन सिंह के खिलाफ कार्यवाही वापस ले ली है, जिसे पिछले साल कथित रूप से कोविड के कुप्रबंधन की वजह से हटा दिया गया था। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) द्वारा पिछले साल अप्रैल में वायरस के प्रकोप के शुरुआती दिनों के दौरान उनके कोविड की रोकथाम के उपायों पर सवाल उठाने के बाद बीएन सिंह को जिलाधिकारी गौतम बौद्ध नगर के पद से हटा दिया गया था।

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मुख्यमंत्री के साथ बातचीत के बाद पिछले साल 30 मार्च को सरकार द्वारा बीएन सिंह के खिलाफ एक प्रशासनिक जांच की स्थापना की गई थी। बीएन ने सितंबर में सरकारी अधिकारियों के आरोपों के खिलाफ लिखित में जवाब दिया था। चिकित्सा और गृह विभाग के अधिकारियों ने प्रतिक्रिया को संतोषजनक पाया और जांच वापस लेने की पहल की गई। शनिवार को सरकार ने एक नया आदेश जारी करते हुए कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई को औपचारिक रूप से वापस ले लिया गया है।

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पिछले साल अप्रैल में, सीएम ने नोएडा के कोविड रोकथाम उपायों पर नाराजगी व्यक्त की थी, जब एक अग्नि सुरक्षा (Fire safety) फर्म में एक क्लस्टर सामने आया था, जिसके कारण कई केस सामने आए थे। एक बैठक के दौरान बीएन और सीएम आदित्यनाथ के बीच तीखी नोकझोंक के बाद, सिंह ने तीन महीने की छुट्टी पर जाने का अनुरोध किया। सिंह ने कहा था की वह व्यक्तिगत कारणों की वजह से तीन महीने की छुट्टी पर जाना चाहते है और डीएम के पद को भी छोड़ना चाहते है, कोरोना के खिलाफ लड़ाई में किसी प्रकार की कमी ना आये इसके लिए जल्द से जल्द दूसरे अधिकारी को नियुक्त किया जाये।

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फ़िलहाल बीएन सिंह अपनी नयी पोस्टिंग का इंतज़ार कर रहे है। पिछले साल अधिकारियों ने आरोप लगाया था कि ड्यूटी में लापरवाही के कारण संक्रमण फैला। उसी वक़्त जारी आदेश में कहा गया था की एक आईएएस अधिकारी की अध्यक्षता में एक विभागीय जांच, बी एन सिंह के खिलाफ स्थापित की गई है। प्राथमिक आरोप यह था कि नोएडा में फायर सेफ्टी फर्म को समय पर सील नहीं किया गया था, जिससे जिले में कोरोनोवायरस के मामलों में वृद्धि हुई।

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