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चेतन चौहान का कोरोना से निधन, क्रिकेट और राजनीति के माने जाते थे धुरंधर

पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान का कोरोना से निधन
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उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और पूर्व क्रिकेटर चेतन चौहान का निधन हो गया है। वो 11 जुलाई को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद इलाज के लिए उन्हें लखनऊ स्थित संजय गांधी पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 72 वर्षीय चेतन चौहान का लखनऊ में लगभग महीने भर इलाज चला। इसी दौरान उनके किडनी में संक्रमण बढ़ गया। इसके बाद उन्हें गुरुग्राम के मेंदाता अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्हें यहां पर लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

भारतीय क्रिकेट टीम में बल्लेबाज रह चुके चेतन चौहान क्रिकेट से संन्यास लेकर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। अमरोहा जिले की नौगांवा विधानसभा सीट से 2017 में विधायक चुने गए थे। दो बार वो लोकसभा सांसद भी रहे। चौहान योगी सरकार में सैनिक कल्याण, होम गार्ड, पीआरडी, नागरिक सुरक्षा विभाग के मंत्री थे।

चेतन चौहान के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी शोक जताया, उन्होंने ट्वीट कर कहा कि चेतन चौहान ने राजनीति और क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने यूपी में भाजपा को मज़बूत करने में अहम भूमिक निभाई। उनका जाना बहुत बड़ी क्षति है, उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।

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चेतन चौहान का क्रिकेटर के तौर पर सफर

चेतन चौहान ने भारत की ओर से 1969 से 1978 के बीच 40 टेस्ट में 2084 रन बनाए। इस दौरान उनका औसत 31.57 जबकि सर्वश्रेष्ठ स्कोर 97 रन रहा। उन्होंने सात एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैचों में 153 रन भी बनाए। चौहान और सुनील गावस्कर की सलामी जोड़ी काफी सफल रही। दोनों ने 1970 के दशक में 10 बार शतकीय साझेदारी की और मिलकर तीन हजार से अधिक रन बनाए। चौहान ने घरेलू क्रिकेट में दिल्ली और महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए काफी रन बनाए।

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चौहान 2016 में निफ्ट के चेयरमैन भी रहे। अमरोहा से 1991 और 1998 में वो सांसद चुने गए थे। 1981 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से नवाज़ा गया। लंबे समय तक चौहान ने डीडीसीए में अहम ज़िम्मेदारी संभाली।

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