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उन्नाव रेप केस: हादसा या हत्या की साज़िश

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ग्राउंड रिपोर्ट। न्यूज़ डेस्क

उन्नाव रेप केस: पीड़िता को रास्ते से हटाने के लिए रची गई हत्या की साजिश?

उन्नाव रेप केस ने सारे देश को झकझोर कर रख दिया था। यह केस देश में सियासी भूचाल लेकर आया क्योंकि इसमें रेप का आरोप भाजपा के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर लगा। भाजपा के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ वाले नारे की भी किरकिरी हुई। इस केस में एक नया मोड़ आया है…

उन्नाव रेप पीड़िता रायबरेली जेल में बंद अपने चाचा से मिलकर लौट रही थीं। तभी अचानक उल्टी दिशा से आ रहे तेज़ रफ़तार ट्रक ने उनकी कार को सामने से टक्कर मार दी। इस हादसे में कार के परखच्चे उड़ गए। कार में सवार पीड़िता की मौसी, चाची और ड्राईवर की मौत हो गई। लेकिन पीड़िता और उसके वकील की जान बच गई लेकिन वे गंभीर रुप से घायल बताए जा रहे हैं। पीड़िता को जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है।

इस हादसे में हत्या का शक पैदा होता है, क्योंकि जिस ट्रक से यह एक्सीडेंट हुआ उसकी नंबर प्लेट को काला रंग लागाकर मिटाया गया। ड्राईवर मौके से फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस ट्रक मालिक की तलाश में जुटी है। यहां सवाल पैदा होता है कि क्या.. रेप पीड़िता को रास्ते से हटाने के लिए इस साजिश को अंजाम दिया गया। यह तो पुलिस जांच में ही सामने आएगा। अब हम आपको थोड़ा इस केस के बारे में बता दें..

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उन्नाव रेप केस 2018 में उस समय चर्चा में आया था जब, उस समय 16 साल की रही पीड़िता ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर के बाहर न्याय के लिए प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि 2017 में नौकरी के लिए जब वह बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर के घर गई थी तो उसके साथ बलात्कार किया गया था। घटना के लगभग एक साल बाद अप्रैल 2018 में लड़की ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के घर के बाहर खुद को आग लगाने की भी कोशिश की थी।

मालूम हो कि पीड़ित लड़की के पिता जो उसका केस लड़ रहे थे, कथित रूप से उनकी मौत कुलदीप सेंगर के भाई द्वारा गंभीर रूप से पिटाई के बाद हो गई थी। लड़की के पिता पर पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था और दो दिनों तक हिरासत में रखा था। पुलिस की निष्क्रियता से निराश लड़की ने आत्मदाह का प्रयास किया था। प्रशासन की लापरवाही की देश भर में निंदा की गई। और इस घटना पर देश भर में बहस छिड़ गई। कुलदीप सेंगर 2017 में भाजपा के टिकट पर बांगरमउ सीट से चुनाव जीत कर विधायक बने। वो सपा और बसपा का दामन छोड़ भाजपा में शामिल हुए। भाजपा के विधायक पर आरोप होने की वजह से भी प्रशासन ने रेप पीड़िता की गुहार सुनने में देर की। इस मामले में सीबीआई ने दो चार्जशीट दाखिल की पहली चार्जशीट में भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर को रेप का आरोपी बनाया गया दूसरी चार्जशीट में कुलदीप सेंगर, उसके भाई, तीन पुलिस वालों समेत पांच अन्य लोगों पर रेप पीड़िता के पिता को झूठे केस में फंसाने के आरोप दर्ज किए गए। रेप पीड़िता के पिता की मृत्यू ज्यूडीशियल कस्टडी में हो गई थी।

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उन्नाव रेप पीड़िता आज जीवन और मौत के बीच झूल रही है। पहले उसके साथ रेप हुआ, फिर उसने प्रशासन की लापरवाही की वजह से अपने पिता को खो दिया। इस केस में न्याय अभी तक नहीं हुआ, एक परिवार पूरी तरह खत्म हो गया लेकिन न्याय, न्यायालय की गलियों में अटका रह गया। उन्नाव रेप पीड़िता की सांसे अभी तक चल रही हैं। जब उसकी सांसे रुक जाएंगी तब हमारे फास्ट ट्रैक कोर्ट ट्रैक पर आएंगे, लेकिन शायद तब तक बहुत देर हो चुकी होगी…