मुसलमानों को 5 फीसदी आरक्षण देगी महाराष्ट्र सरकार

Coronavirus: maharashtra makes covid 19 negative report mandatory for entry in state
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Ground Report | News Desk

महाराष्ट्र की राजनीति में मुस्लिम आरक्षण के मुद्दे की एक बार फिर से वापसी होती हुई दिख रही है। सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नवाब मलिक ने विधानसभा में कहा है कि उनकी सरकार मुस्लिमों को शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण देने जा रही है। उन्होंने कहा- निजी स्कूल-कॉलेजों में भी यह आरक्षण लागू करने के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही उद्धव सरकार प्राइवेट संस्थाओं में नौकरी के लिए भी अध्यादेश लाकर कानून बनाने पर विचार कर रही है। वे जल्द ही इस मामले में उचित निर्णय लेंगे।

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नवाब मलिक ने मुसलमानों को शिक्षण संस्थानों में कोटा देने को लेकर कहा, ”सरकारी शिक्षण संस्थानों में मुसलमानों को 5% आरक्षण देने के लिए उच्च न्यायालय ने अपना पक्ष रखा है। पिछली सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की थी, इसलिए हमने घोषणा की है कि हम जल्द से जल्द कानून के रूप में HC के आदेश को लागू करेंगे।”

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पिछले कुछ दिनों से शिवसेना मुस्लिम आरक्षण के पक्ष में बोलती हुई दिखाई दे रही थी। 2014 से पहले जब सूबे में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सरकार थी, तब मराठों के लिए 16 और मुसलमानों के लिए 5 फीसदी आरक्षण का प्रावधान ऑर्डिनेंस लाकर किया गया था। चुनावों के बाद जब सरकार बदली तब बीजेपी-शिवसेना सरकार ने मराठा आरक्षण बरकरार रखा, लेकिन मुसलमानों के लिए आरक्षण पर कोई कदम नहीं उठाया और अध्यादेश लैप्स हो गया।

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