डॉ कफ़ील खान की रिहाई की मांग ज़ोरों पर, ट्विटर टॉप ट्रेंड हुआ #ReleaseOurDrKafeel

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देश में कोरोना ग्यारह लाख के करीब हैं. हर रोज़ लगभग 40 हज़ार मामले सामने आ रहे हैं, और अब तक 26816 मौतें हो चुकी हैं. ऐसे में मथुरा जेल में बंद डॉ कफ़ील खान(Kafeel Khan) की रिहाई की मांग सोशल मीडिया पर शुरू हो गयी है. लोगो का कहना है कि ऐसे संकट में एक काबिल डॉक्टर का जेल में होना दुर्भाग्यपूर्ण है.

इस समय ट्विटर पर टॉप ट्रेंड है डॉ कफ़ील खान की रिहाई मांगने वाला हैशटैग, #ReleaseOurDrKafeel. अब तक इस हैशटैग के 76 हज़ार से भी ज्यादा ट्वीट्स हो चुके हैं.

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डॉ कफ़ील खान कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी को एक चिट्ठी लिखी थी. उस चिट्ठी में उन्होंने भारत में कोरोना की महामारी के खिलाफ एक रोडमैप का ज़िक्र किया था. उन्होंने लिखा था “20 वर्ष के अनुभव के आधार पर कोरोना स्टेज ३ के खिलाफ कैसे लड़ा जाए, उसका रोड मैप आपको देना चाहता हूँ. जिससे इस महामारी से फैलते संक्रमण पर अंकुश लगाया जा सके”.

उधर छात्र नेता और पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद ने ट्वीट किया जिसमें पंजाब में लोग डॉ कफ़ील खान की रिहाई की मांग कर रहे हैं.

इससे पहले ट्विटर पर कई लोगो ने कफ़ील खान की रिहाई के लिए ट्विटर स्टॉर्म का आव्हान किया था.

कफ़ील खान की रिहाई के पक्ष में हंसराज मीना लिखते हैं “इस देश में सबसे अधिक अगर कोई जुल्म झेल रहा है तो वो ट्राइबल्स और मुस्लिम है। इनके लोग बदस्तूर जिंदा लाश बन रहे है। इन कम्यूनिटी के लोगों का सलाख़ों में एक संसार कैद है। मुझे हैरत है उन प्रगतिशील मानवतावादी पत्रकार व एक्टिविस्टों कि खामोशी पर। क्यों नहीं बोलते?#ReleaseOurDrKafeel”

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ट्विटर पर राम होल्कर ने लिखा कि जब रेपिस्ट, भ्रष्ट और आतंकवादियों को जैसे से रिहाई मिल जाती है तो डॉ कफ़ील खान को सरकार ने अब तक जेल में क्यों बंद किया हुआ है.

ट्विटर पर डॉ मोहम्मद हमज़मा ने वीडियो जारी कर डॉ कफ़ील खान की रिहाई की मांग की.

डॉक्टर कफील खान को यूपी पुलिस ने दिसंबर में अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भड़काऊ के आरोप में गिरफ्तार किया था. लेकिन फरवरी में उनकी रिहाई से पहले उनपर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगा कर रिहाई को टाल दिया गया. कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को 11 हज़ार बंदियों को जेल से छोड़ने के निर्देश दिए थे. लेकिन फिर भी 28 मार्च को आर्डर आने के बाद भी उनकी रिहाई नहीं हुई. डॉक्टर कफील खान को गोरखपुर में हुई एन्सेफलीटीस से कई बच्चो की मौत के मामले में क्लीन चिट मिल चुकी है.