क्या टीवी देखना बंद कर देना चाहिए? ट्विटर पर टॉप ट्रेंड है #टीवी _देखना_बंद_करो

ग्राउंड रिपोर्ट, नई दिल्ली:
देशभर में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ने पर हैं. जनता पिछले 11 दिन से खुद को घरों में बंद कर पीएम मोदी के आदेश का पालन कर रही है. जनता के पास इंटरनेट और टीवी ही है जिसके जरिये उन तक खबरें पहुंच रही हैं. लेकिन आजकल टीवी के माध्यम से जिस तरह की खबरें परोसी जा रही हैं, वह समाज में ज़हर फैलाने के अलावा कोई काम नहीं कर रही हैं. और व्हाट्सप्प पर जिस तरह के मेसेजेस फॉरवर्ड होते हैं उसके शिकार आप भी रहे होंगे. लेकिन आज ट्विटर पर टॉप ट्रेंड देखके आपको लगेगा कि शायद टीवी देखना बंद ही कर देना चाहिए. क्युकी ट्विटर पर इंडिया टॉप ट्रेंड है टीवी न देखने के लिए हिदायत देने वाला हैशटैग. एक्टिविस्ट हंसराज मीणा और पत्रकार दिलीप सी मंडल ने मीडिया जगत की बाँटनेवाली पत्रकारिता के खिलाफ ये हैशटैग दिया है. अब तक इस हैशटैग के 62 हज़ार से भी ज्यादा ट्वीट हो चुके हैं. मतलब मुद्दा गंभीर है.

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आज के समय में जितनी संवेदनशील पत्रकारिता होनी चाहिए उतनी ही असंवेदनशील पत्रकारिता हो रही है. बात केवल मुख्यधारा में काम कर रहे मीडिया संस्थानों की नहीं है, बल्कि हर तरफ टीआरपी का खेल है. एनडीटीवी के रविश कुमार पिछले कई सालो से देश के लोगो से टीवी न देखने को कह रहे हैं, शायद उन्हें ये बात कई साल पहले मालूम हो गयी हो. लेकिन आज वरिष्ठ पत्रकार दिलीप सी मंडल और अम्बेडकरवादी हंसराज मीणा ने ये मुद्दा उठाकर देश की जनता को एक बार फिर चेतावनी दी है, कि या तो टीवी देखना बंद ही कर दें, या टीवी देखने का नजरिया बदल दें.

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हंसराज मीणा ने ट्वीट किया “मैं चार दिन टीवी देखकर आया हूँ। बारीकी से देखी है। बस बंद कर दीजिए। देश बचाना हैं। इंसानियत ज़िंदा रखनी हैं। मुझे टीवी पर आने या उसे देखने की अब कभी लालसा नहीं हैं। अगर आपको भी नहीं है तो आप इस हैशटैग को 15 मिनीट में टॉप नम्बर 1 ट्रेन्डिंग करा सकते हो। करोगो? #टीवी_देखना_बंद_करो

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उधर वरिष्ठ पत्रकार दिलीप मंडल ने ट्वीट कर कहा कि “मेरे घर में छह साल से टीवी नहीं देखा जाता। ये आपको हिंसक बना सकता है और अंधविश्वास तो आप पक्का सीख जाएँगे। दूसरी बात। जो चीज़ एक मिनट में बताई जा सकती है, उसे यह आधे घंटे में बताता है। समय की बर्बादी है। जातिवादी और सांप्रदायिक तो ये है ही।”