आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से हटा ब्लू टिक !

Twitter ने दिया RSS प्रमुख को झटका, मोहन भागवत के अकाउंट से हटाया ब्लू टिक

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Ground Report | News Desk | Mohan Bhagwat | Blue tick removed from Mohan Bhagwat account| ट्विटर ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के अकाउंट से ब्लू टिक का बैज हटा दिया है ,जानकारी से पता चला है की बैज को आरएसएस के अन्य कई नेताओं के अकाउंट से भी हटा दिया गया था। भागवत का ट्विटर अकाउंट मई 2019 में खोला गया था, जो केवल एक हैंडल को फॉलो करता है और दो लाख से भी अधिक फोल्लोवेर है।

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इससे पहले दिन में, सोशल मीडिया के इस दिग्गज ने संयुक्त महासचिव कृष्ण गोपाल और अरुण कुमार, पूर्व महासचिव सुरेश “भैयाजी” जोशी और वर्तमान संपर्क प्रमुख अनिरुद्ध देशपांडे जैसे आरएसएस नेताओं के हैंडल से टिक हटा दिया। आरएसएस के एक पदाधिकारी ने बताया कि मार्च में बैज हटा दिए गए थे, लेकिन कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। “अगर वे दावा करते हैं कि ऐसा किया गया था क्योंकि खाते निष्क्रिय (inactive) थे, तो उन्हें हमें सूचित करना चाहिए था। उनकी ओर से कोई संचार नहीं हुआ है, ”कार्यकर्ता ने कहा।

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ट्विटर के नियमों के अनुसार, यदि कोई खाता “निष्क्रिय” हो जाता है, तो टिक हटा दिया जाता है। एक ट्विटर प्रवक्ता ने इसी नियम का हवाला देते हुए बताया कि उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के निजी हैंडल से बैज भी इसीलिए हटाया गया था पर बड़े आक्रोश के बाद घंटों के भीतर बैज को बहाल कर दिया गया। नायडू केहैंडल से आखिरी ट्वीट 23 जुलाई, 2020 को किया गया था।

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इस ब्लू टिक विवाद से सरकार और कंपनी के बीच मतभेद और बढ़ सकते है जो की नए नियमों की वजह से पहले भी कई सुर्खियां बटोर चुका है। विपक्षी दल कांग्रेस को टारगेट करने वाले पोस्ट जो की भाजपा के नेताओं द्वारा किये गए थे उन्हें “मैनीप्युलेटेड” करार कर दिया गया था क्योकि वह काफी हद्द तक फेक थे। तभी से इस विवाद ने और तेज़ी पकड़ ली थी।
नायडू के अकाउंट से ब्लू टिक हटाने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ट्विटर को नोटिस जारी कर पूछ सकता है कि ऐसा “पूर्व सूचना” के बिना क्यों किया गया। सरकारी सूत्रों ने कहा, “यह एक संवैधानिक पद की अवमानना है। ट्विटर भारत के धैर्य की परीक्षा लेना चाहता है।”

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