Home » HOME » लॉकडाउन में TV चैनलों की चांदी, अख़बार हुए बर्बाद

लॉकडाउन में TV चैनलों की चांदी, अख़बार हुए बर्बाद

Sharing is Important

ग्राउंड रिपोर्ट | न्यूज़ डेस्क

देश में कोरोनावायरस के चलते हुए 21 दिन के लॉकडाउन में हर कोई घर पर कैद है। लोग अपने परिवार के संग वक्त बिता रहे हैं, ऐसे में TV चैंनलों की चांदी हो गई है। आपको बता दें TV चैंनलों की व्यूअरशिप का रिकॉर्ड रखने वाली एजेंसी बार्क के मुताबिक TV देखने वालों की संख्या बढ़ी है और इसमें 21 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। लॉकडाउन में दूरदर्शन सबसे अधिक देखा जाने वाला चैनल बन गया है।

सूचना प्रसारण मंत्रालय ने लोगो के सुझाव और मांग को ध्यान में रखते हुए दूरदर्शन पर पुराने लोकप्रिय धारावाहिकों को फिर से शुरू किया, महाभारत, रामायण, चाणक्य, ब्योमकेश बक्शी, शक्तिमान जैसे कार्यक्रम दोबारा दूरदर्शन पर दिखाए जाने लगे। इस कदम से दूरदर्शन फिर से लोगों की आंखों का तारा बन गया। खाली समय में इन पुराने कार्यक्रमों को देखकर लोग अपने बचपन की यादें ताज़ा कर रहे हैं।

READ:  सावधान! ATM कार्ड से खरीदते हैं शराब, तो लग सकता है लाखों का चूना

दूरदर्शन के साथ ही प्राइवेट चैनल भी अपने पुराने लोकप्रिय कार्यक्रम दिखा रहे हैं। लॉक डाउन के चलते सभी धारावाहिकों की शूटिंग रोक दी गई है। स्टार भारत पर लोकप्रिय कार्यक्रम खिचड़ी और साराभाई वर्सेस साराभाई समेत कई पुराने शोज़ ने वापसी की है।

स्पोर्ट्स इवेंट पर लगी पाबंदी के बावजूद स्पोर्ट्स चैंनलों की TRP बढ़ी है क्योंकि स्पोर्ट्स चैनल सभी पुराने यादगार क्रिकेट मैच फिर से टेलीकास्ट कर रहा है।

न्यूज़ चैनल एक मात्र ऐसे चैनल हैं जो लॉक डाउन में भी नया कंटेंट दिखा रहे हैं। न्यूज़ चैंनलों को लॉक डाउन के दौरान काम करने की अनुमति दी गई है। कोरोना वायरस से जुड़ी अहम खबरों को जनता तक पहुंचाने के लिए मीडिया कर्मी अपने स्वास्थ्य को जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। न्यूज़ चैंनलों की व्यूअरशिप बढ़ी है।

READ:  International Tolerance Day: To build a better world for human being

हालांकि इस दौरान प्रिंट मीडिया संकट के दौर में पहुंच गई है। अखबार लोगों के घर तक नहीं पहुंच रहे हैं। इस वजह से अखबारों का रेवेन्यू प्रभावित हुआ है। तमाम बड़े अखबार संकट का सामना कर रहे हैं।

Scroll to Top
%d bloggers like this: